कांग्रेस में अब सुझाव देना भी विद्रोह समझा जाता है : गुलाम नबी आजाद

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नई दिल्ली (एजेंसी)। कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। इस बात का इशारा जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने यह कहकर दिया है कि वर्तमान पीढ़ी सुझावों पर ध्यान नहीं देती। उन्होंने इशारों में राहुल और प्रियंका गांधी के नेतृत्व पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि भले ही ये सुझाव कांग्रेस के दिग्गज नेता ही क्यों ने दें, लेकिन इसे अपराध और विद्रोह के तौर पर ही देखा जाता है। गुलाम नबी आजाद ने एक साक्षात्कार में कहा, ‘जब राजीव गांधी ने राजनीति में कदम रखा था, तब इंदिरा गांधी ने हम दोनों को बुलाया और राजीव को कहा कि गुलाम नबी आजाद मुझे भी न कह सकते हैं, लेकिन उस न का मतलब अवज्ञा या अनादर नहीं, यह पार्टी के लिए अच्छा है। आज, कोई भी न सुनने को तैयार नहीं है। न कहने की वजह से आज आप की अहमियत नहीं रह जाती है।’

बता दें कि गुलाम नबी आजाद कांग्रेस में सुधारों की पैरवी करने वाले 23 नेताओं के समूह का हिस्सा हैं और वे पार्टी में बड़े बदलावों पर जोर देते आ रहे हैं। आजाद ने कहा कि हम पार्टी के समावेशी सुधार के लिए सुधार देते हैं। हम में से कोई भी पार्टी में पद नहीं चाहता। हम सब बस यही चाहते हैं कि पार्टी के प्रदर्शन में सुधार हो… यह समय ऐसा है जब सत्ताधारी पार्टी मजबूत है और विपक्ष कमजोर। एक कमजोर विपक्ष सत्ताधारी पार्टी को फायदा पहुंचाता है।’ इसके साथ ही उन्होंने नई पार्टी बनाने की अटकलों को खारिज कर दिया। इसके बावजूद वे ये कहने से नहीं चूके कि राजनीति में कब क्या हो जाए, ये किसी को नहीं पता।

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