NEET 2026 News: नीट परीक्षा में अगले साल से होने वाले है ये बड़े बदलाव, शिक्षा मंत्री का ऐलान
नीट परीक्षा में अगले साल से होने वाले है ये बड़े बदलाव, शिक्षा मंत्री का ऐलान
नई दिल्ली। धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार (15 मई) को NEET पेपर लीक मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों का हित सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले वर्ष से NEET परीक्षा ओएमआर शीट की बजाय कंप्यूटर बेस्ड मोड में आयोजित की जाएगी।
छात्रों को मिलेगा शहर चुनने का मौका
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने बताया कि दोबारा आयोजित होने वाली NEET (UG) 2026 परीक्षा के लिए छात्रों को अपनी सुविधा अनुसार परीक्षा शहर चुनने हेतु एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। साथ ही एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे।
पेपर लीक की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 3 मई को परीक्षा आयोजित होने के बाद 7 मई को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को जानकारी मिली कि कथित गेस पेपर के कुछ सवाल वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खा रहे हैं। इसके बाद सरकार और NTA ने तुरंत जांच शुरू की और राज्य एजेंसियों से संपर्क किया गया।
उन्होंने कहा कि जब यह स्पष्ट हो गया कि परीक्षा में पेपर लीक हुआ है, तब सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि ईमानदार छात्रों के साथ अन्याय न हो, 12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।
सीबीआई करेगी सख्त कार्रवाई
शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह केवल परीक्षा रद्द करने का मामला नहीं, बल्कि शिक्षा माफिया और असामाजिक तत्वों के खिलाफ लंबी लड़ाई है। सरकार ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। उन्होंने कहा, “सीबीआई ने कार्रवाई शुरू कर दी है और इस बार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी विभाग इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। सरकार किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करेगी।”
21 जून को दोबारा होगी NEET परीक्षा
NTA ने घोषणा की है कि अब NEET (UG) 2026 परीक्षा 21 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा पहले 3 मई को हुई थी, लेकिन पेपर लीक विवाद सामने आने के बाद इसे रद्द कर दिया गया था। अब लाखों छात्र नई परीक्षा तिथि के अनुसार तैयारी में जुट गए हैं। सरकार का कहना है कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाएगा।
कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा से क्या बदलेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट लागू होने से पेपर लीक जैसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी। साथ ही परीक्षा प्रक्रिया अधिक तकनीकी और सुरक्षित बनेगी। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए डिजिटल परीक्षा प्रणाली नई चुनौती भी बन सकती है। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए कई नए तकनीकी सुधार लागू किए जाएंगे।
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