भगवंत मान सरकार द्वारा सरकारी नौकरियों में अग्निवीरों के लिए आरक्षण नीति को अंतिम रूप देने हेतु उच्चस्तरीय कमेटी का गठन

प्रशिक्षित अग्निवीरों की सेवाओं का उपयोग पुलिस, वन विभाग, अग्निशमन सेवाओं, होमगार्ड तथा अन्य विभागों में प्रभावी ढंग से किया जा सकता है — मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

Sarvesh Kumar Picture
Published On

चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। अग्निपथ योजना के तहत सेना में अग्निवीर के रूप में अपना सेवाकाल पूरा करने वाले युवाओं के पुनर्वास के लिए बड़ा निर्णय लेते हुए पंजाब सरकार ने अग्निवीरों के लिए आरक्षण नीति तैयार करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सिविल एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है, जो सरकारी सेवाओं में अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ देने के लिए रूपरेखा तैयार करेगी।

आज यहां एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरकारी नौकरियों में अग्निवीरों को आरक्षण देने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी। उन्होंने कहा कि इस नीति को निर्धारित समय सीमा के भीतर अंतिम रूप दिया जाना चाहिए ताकि प्रशिक्षित एवं अनुशासित युवा पंजाब के सामाजिक और आर्थिक विकास का अभिन्न हिस्सा बन सकें।

इस संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आरक्षण नीति की रूपरेखा को व्यापक दृष्टिकोण से तैयार करने की आवश्यकता है, ताकि देश की सेवा करने के बाद लौटने वाले अग्निवीरों का उचित पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके और उनके कौशल का उपयोग पंजाब की प्रगति के लिए किया जा सके।”

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों में अग्निवीरों के आरक्षण और भर्ती संबंधी सिफारिशें तैयार करने तथा रूपरेखा को अंतिम रूप देने के लिए राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों विकास प्रताप, भावना गर्ग, सुमेर सिंह गुर्जर और एस.एस. श्रीवास्तव पर आधारित समिति का गठन किया है।

अग्निवीरों की क्षमता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सेवाओं का उपयोग पंजाब पुलिस, वन रक्षक, अग्निशमन सेवाओं, जेल विभाग, होमगार्ड, पेस्को तथा सरकार के कई अन्य विभागों में प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “अग्निवीरों के आरक्षण और चयन से संबंधित मानदंडों को जल्द से जल्द अंतिम रूप दिया जाना चाहिए ताकि इन कुशल एवं अनुशासित युवाओं की सेवाओं का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब ने हमेशा देश की एकता और अखंडता की रक्षा में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, “यह अत्यंत गर्व और संतोष की बात है कि देश का अन्नदाता होने के साथ-साथ पंजाब को देश की तलवार भुजा के रूप में भी जाना जाता है। पंजाब के लोगों को दुनिया भर में उनकी बहादुरी, मेहनत और उद्यमशीलता के लिए सम्मान प्राप्त है।”

सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों, पुलिस तथा अग्निवीरों द्वारा देश की रक्षा में दिए गए अतुलनीय योगदान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार पहले से ही ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले जवानों के परिवारों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह पहल सैनिकों, अर्धसैनिक बलों, पुलिस जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति पंजाब सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है।” उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह कदम अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित बनाने तथा देश सेवा के बाद उनके परिवारों को सहारा प्रदान करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Agnipath
सांकेतिक फोटो

About The Author

Ad Ad

Related Posts