राठीखेड़ा में आग का तांडव, दो ढाणियां जलकर राख; तीन महिलाएं और सात मवेशी झुलसे

दोषियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर पीड़ितों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

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टिब्बी (सच कहूँ न्यूज़)। Tibbi News: ग्राम पंचायत राठीखेड़ा के चक 2 आरके (4 आरके) में बुधवार शाम को हुई एक भीषण आगजनी ने दो गरीब परिवारों  बड़ा नुकसान हुआ। अंधड़ के दौरान खेतों में जलाई गई कचरे की आग ने ऐसा विकराल रूप लिया कि देखते ही देखते जगदीश और प्रेम मेघवाल की ढाणियां जलकर खाक हो गईं। इस दर्दनाक हादसे में परिवार की तीन महिलाएं और सात मवेशी गंभीर रूप से झुलस गए हैं।

मवेशियों को बचाते समय झुलसीं महिलाएं

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। अपनी आंखों के सामने मवेशियों को जलता देख उन्हें बचाने के लिए ढाणी की महिलाएं लपटों में कूद पड़ीं। इस कोशिश में पुष्पा, विमला और एक अन्य महिला गंभीर रूप से झुलस गईं। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टिब्बी ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हनुमानगढ़ जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।

एसडीएम को सौंपा ज्ञापन: लगाए गंभीर आरोप

घटना के अगले दिन गुरुवार सुबह पीड़ितों ने उपखंड कार्यालय पहुँचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। पीड़ितों ने इस पूरी घटना को "मानवीय लापरवाही" करार देते हुए निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए हैं:

चेतावनी के बावजूद लगाई आग: ज्ञापन में बताया गया कि राजेंद्र (निवासी टिब्बी) और हरबंश (निवासी सूरेवाला) ने फैक्ट्री की जमीन में पड़े कचरे में जानबूझकर आग लगाई। मना करने पर पीड़ितों के साथ गाली-गलौच भी की गई।

रास्ता बंद होने से हुई देरी: पीड़ितों का आरोप है कि फैक्ट्री मालिकों द्वारा ढाणी का सरकारी रास्ता बंद कर दिए जाने के कारण फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुँच सकीं, जिससे नुकसान और बढ़ गया। पुलिस पर लापरवाही का आरोप: पीड़ितों ने कहा कि पुलिस ने मामले में सही तरीके से एफआईआर दर्ज नहीं की है।

प्रशासनिक मुस्तैदी और भारी नुकसान

हादसे की सूचना मिलते ही तहसीलदार हरीश कुमार टाक अपनी टीम के साथ देर रात तक मौके पर डटे रहे। हनुमानगढ़ से बुलाई गई तीन दमकल गाड़ियों और ग्रामीणों के सहयोग से रात 12 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। इस हादसे में घर का सारा सामान, साल भर का सूखा चारा और 7 मवेशी बुरी तरह झुलस गए हैं।

"राजस्व विभाग की टीम मौके पर नुकसान का सर्वे कर रही है। घायलों का उपचार पहली प्राथमिकता है। ज्ञापन में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी।"
— प्रशासनिक अधिकारी, टिब्बी

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए, बंद रास्ते को खुलवाया जाए और लापरवाही बरतने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

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