वार्षिक फास्टैग के बावजूद मांगा कैश टोल, मुझेडा टोल प्लाजा पर हंगामा; युवक ने लगाए गंभीर आरोप

फास्टैग के बावजूद नकद वसूली का आरोप

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मीरापुर (सच कहूं/कोमल प्रजापति)। Mirapur News: पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित मुझेडा टोल प्लाजा एक बार फिर सुर्खियों में है। जट मुझेडा निवासी नितिन अंबानी ने टोल प्लाजा प्रबंधन पर जबरन नकद वसूली, अभद्र व्यवहार और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायत भेजकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, 5 मई 2026 को शाम करीब 5:40 बजे नितिन अंबानी अपनी टाटा पंच कार से मीरापुर से मुजफ्फरनगर जा रहे थे। उनके वाहन पर ₹3000 का वार्षिक फास्टैग सक्रिय था। आरोप है कि मुझेडा टोल प्लाजा पहुंचने पर कर्मचारियों ने फास्टैग से टोल काटने के बजाय ₹75 नकद देने की मांग की। जब उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए इसका विरोध किया तो कर्मचारियों ने उनके साथ बदसलूकी शुरू कर दी।

नितिन अंबानी का आरोप है कि टोल कर्मचारियों ने न सिर्फ गाली-गलौज की बल्कि उनका सामाजिक सहयोग संस्थान उत्तर प्रदेश का पहचान पत्र भी जबरन छीन लिया। विरोध करने पर उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी गई।

पीड़ित ने बताया कि उन्होंने तत्काल यूपी-112 पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन उनकी मौजूदगी में भी आईडी कार्ड वापस नहीं किया गया। आरोप है कि टोल मैनेजर आकाश चौधरी ने फोन पर दबंगई दिखाते हुए कहा कि “यहां हमारे नियम चलते हैं।”

पीड़ित ने एसएसपी से मामले में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस घटना के बाद एक बार फिर मुझेडा टोल प्लाजा की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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