अपशिष्ट जल को स्वच्छ ऊर्जा में बदलकर आय बढ़ाएगा निगम,पीपीटी मॉडल पर बायो एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड और वी ए टेक बबाग लिमिटेड के साथ हुआ समझौता
नगर निगम द्वारा डुंडाहेड़ा एसटीपी पर बायो-सीएनजी प्लांट हेतु अनुबंध समझौते पर हस्ताक्षर
गाज़ियाबाद (सच कहूं/रविन्द्र सिंह)। Ghaziabad News: गाजियाबाद नगर निगम द्वारा डुंडाहेड़ा एसटीपी पर बायो-सीएनजी प्लांट हेतु अनुबंध समझौते पर हस्ताक्षर किए।
अपशिष्ट जल को स्वच्छ ऊर्जा एवं सतत नगर निगम राजस्व में परिवर्तित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पीपीपी पहल है। गाज़ियाबाद नगर निगम ने गाज़ियाबाद स्थित 70 एमएलडी डुंडाहेड़ा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में बायो-सीएनजी प्लांट के विकास हेतु गाजियाबाद बायो एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड और वी ए टेक बबाग लिमिटेड के साथ अनुबंध समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस मौके पर महापौर सुनीता दयाल,नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक,अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर सिंह, अपर नगर आयुक्त मानवेंद्र सिंह,जीएम जल कामख्या प्रसाद आनंद,विवेक सिंह,मुख्य अभियंता एनके चौधरी,विपुल कुमार,एसपी मिश्रा,सुनील कुमार राय,शेषमणि यादव, वबाग कंपनी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक बताया कि यह परियोजना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीटी) मॉडल के अंतर्गत बल्ड ऑपरेट ट्रांसफर (बीओटी) आधार पर विकसित की जाएगी । और गाज़ियाबाद की सतत शहरी अवसंरचना एवं स्वच्छ ऊर्जा प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रस्तावित परियोजना में अपशिष्ट जल शोधन प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न बायोगैस का उपयोग कर उसे उच्च गुणवत्ता वाली बायो-सीएनजी में परिवर्तित किया जाएगा, जो परिवहन एवं औद्योगिक उपयोग हेतु एक स्वच्छ, नवीकरणीय एवं पर्यावरण-अनुकूल ईंधन के रूप में प्रयुक्त होगी।
अपशिष्ट जल से प्राप्त बायोगैस को स्वच्छ ऊर्जा में परिवर्तित करने से यह परियोजना मीथेन उत्सर्जन में महत्वपूर्ण कमी लाएगी, पर्यावरणीय गुणवत्ता में सुधार करेगी तथा जलवायु परिवर्तन नियंत्रण में योगदान देगी। परियोजना के संचालन काल में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में बड़ी कमी आने की संभावना है। इसके अतिरिक्त, यह परियोजना रिवर्स टिपिंग फीस व्यवस्था के माध्यम से गाज़ियाबाद नगर निगम के लिए सतत राजस्व सृजन करेगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उत्पन्न करेगी।
यह पहल सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने तथा विकेन्द्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित करने में शहरी स्थानीय निकायों की बढ़ती भूमिका को भी दर्शाती है।
