Punjab
Fuel Saving Campaign: पीएम मोदी की अपील के बाद केंद्रीय मंत्रियों व मुख्यमंत्रियों ने किया ईंधन बचत अभियान तेज, घटाया अपना काफिला
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच राज्यों की सरकारों व राजनीतिक नेताओं ने उठाया ठोस कदम
Narendra Modi Plea: नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच Narendra Modi द्वारा देशवासियों से ईंधन की बचत करने की अपील के बाद विभिन्न राज्यों की सरकारों और राजनीतिक नेताओं ने ऊर्जा संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। Fuel Saving Campaign
प्रधानमंत्री की अपील के पश्चात कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय नेताओं ने सरकारी कार्यों में ईंधन की खपत कम करने के लिए छोटे काफिलों, सार्वजनिक परिवहन, विद्युत चालित वाहनों और डिजिटल बैठकों को प्राथमिकता देना आरंभ कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अपने आधिकारिक काफिलों में वाहनों की संख्या घटाकर ईंधन बचत का संदेश दिया। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकों से ऊर्जा संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
राज्य सरकार ने सरकारी काफिलों में प्रयुक्त वाहनों की संख्या आधी करने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही अधिकारियों को वर्चुअल बैठकों और आवश्यकता पड़ने पर घर से कार्य करने की व्यवस्था अपनाने के लिए प्रेरित किया गया है। मुख्यमंत्री ने आमजन से सार्वजनिक परिवहन, साइकिल और विद्युत वाहनों के उपयोग को बढ़ाने की अपील भी की। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने आधिकारिक काफिले में वाहनों की संख्या कम कर दी है। Fuel Saving Campaign
राज्य सरकार ने अनावश्यक वाहन रैलियों और बड़े जुलूसों पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकारी कार्यक्रमों में सीमित वाहनों के उपयोग का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों को कारपूलिंग तथा सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में दिल्ली सरकार के कुछ मंत्रियों ने मेट्रो रेल से कार्यालय पहुंचकर ईंधन संरक्षण का संदेश दिया।
राजस्थान में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अनावश्यक वाहनों के उपयोग से बचने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में भी सीमित वाहनों के उपयोग पर बल दिया।महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी विमानों के उपयोग पर नियंत्रण के लिए नई व्यवस्था लागू की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यालय से पूर्व अनुमति के बिना सरकारी विमान उपयोग नहीं किए जा सकेंगे। वहीं कुछ जनप्रतिनिधियों ने रेल यात्रा को प्राथमिकता देकर ईंधन बचत अभियान का समर्थन किया। गुजरात में राज्यपाल और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी सरकारी काफिलों का आकार घटाने तथा सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की पहल की है। Fuel Saving Campaign
राज्य के वरिष्ठ नेताओं ने अनावश्यक विदेशी यात्राएं स्थगित करने और ईंधन संरक्षण को प्राथमिकता देने की बात कही है। बिहार में उपमुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों ने विद्युत वाहनों के उपयोग तथा सरकारी यात्राओं को सीमित करने जैसे कदम उठाए हैं। राज्य सरकार के कई नेताओं ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण वर्तमान समय की राष्ट्रीय आवश्यकता बन चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा आपूर्ति पर मंडराते संकट के कारण ईंधन संरक्षण आने वाले समय में राष्ट्रीय प्राथमिकता बन सकता है।