Russia-Ukraine War: जेलेंस्की का दावा, यूक्रेन ने रूसी सैन्य ठिकानों पर की जवाबी कार्रवाई
यूक्रेन ने रूस के रसद केंद्रों और तेल भंडारण ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया, वहीं मॉस्को पर ड्रोन हमलों की भी चर्चा।
Russia-Ukraine War: नई दिल्ली , सच कहूँ रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि उनकी सेना ने रूस के भीतर स्थित कई महत्वपूर्ण सैन्य और रसद (लॉजिस्टिक्स) ठिकानों को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि रूस की ओर से होने वाले प्रत्येक हमले का यूक्रेन उचित और प्रभावी जवाब देता रहेगा।
सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी अपने संदेश में जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन की लंबी दूरी तक मार करने वाली सैन्य क्षमता का प्रभाव अब स्पष्ट दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार, कार्रवाई के दौरान रूस के महत्वपूर्ण रसद केंद्रों और एक तेल भंडारण केंद्र को निशाना बनाया गया। उन्होंने इस अभियान में शामिल यूक्रेनी सशस्त्र बलों, खुफिया एजेंसियों, मिसाइल इकाइयों, तोपखाना बल और विशेष अभियान दल की भूमिका की सराहना भी की।
यूक्रेनी राष्ट्रपति का दावा है कि जिन लक्ष्यों पर हमला किया गया, वे यूक्रेन की सीमा से 400 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित थे। उन्होंने यह भी कहा कि काला सागर क्षेत्र में रूस से जुड़े दो तेल टैंकरों और चार मालवाहक जहाजों को भी निशाना बनाया गया। जेलेंस्की ने दोहराया कि युद्ध को समाप्त करने के लिए रूस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ाना आवश्यक है।
दूसरी ओर, रूस ने आरोप लगाया है कि यूक्रेन ने रविवार रात मॉस्को और उसके आसपास के क्षेत्रों पर ड्रोन हमले किए। रूसी अधिकारियों के अनुसार, वायु रक्षा प्रणाली ने दो ड्रोन को मार गिराया, लेकिन उनके गिरने से कुछ स्थानों पर नुकसान हुआ।
मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रे वोरोब्योव ने बताया कि एक ड्रोन ओडिन्त्सोवो जिले के निकट और दूसरा क्रास्नोगोर्स्क क्षेत्र में गिरा। धमाके के कारण एक बहुमंजिला इमारत की खिड़कियों के शीशे टूट गए तथा आसपास खड़ी कुछ गाड़ियों को भी क्षति पहुंची। हालांकि, प्रारंभिक जानकारी के अनुसार किसी नागरिक के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
रूसी प्रशासन ने बताया कि आपदा प्रबंधन और अन्य संबंधित एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है। रूस और यूक्रेन दोनों की ओर से जारी इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। युद्ध के बीच दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों और रणनीतिक संसाधनों को निशाना बनाने के दावे करते रहे हैं।