जदयू से रिश्तों पर लालू ने चुप्पी साधी

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 चारा घोटाले के मामलों में अदालत में हुए पेश

रांची। चारा घोटाले के देवघर, दुमका, डोरंडा एवं चाईबासा कोषागार से करोडों रूपए की अवैध निकासी से जुड़े मामलों में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव शुक्रवार को यहां सीबीआई की विशेष अदालतों में पेश हुए, लेकिन बिहार सरकार में जदयू से अपने रिश्तों को लेकर उन्होंने पूरी तरह चुप्पी साधे रखी।

रांची की एस एस प्रसाद की विशेष सीबीआई अदालत में चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में लालू प्रसाद यादव उपस्थित हुए। वीरवार को लालू ने अपने तैंतालीस गवाहों की सूची अदालत को सौंपी थी।

इससे पूर्व लालू प्रसाद ने ग्यारह जुलाई को अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 313 के तहत इस मामले में अपना बयान दर्ज कराया था। कानूनी प्रावधानों के अनुसार उन्होंने अभियोजन पक्ष सीबीआई की तरफ से पेश किए गए साक्ष्यों एवं गवाहों के बयान पर अपना पक्ष रखा था। इसके अलावा, देवघर कोषागार से अवैध निकासी के आरसी 64 मामले में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में भी वह पेश हुए। वहीं दुमका एवं डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी के मामलों में भी अदालत में पेश हुए। अदालत में पेशी के लिए पहुंचे लालू यादव ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और कोई बयान नहीं दिया।

भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों में केन्द्रीय जांच ब्यूरो द्वारा लालू यादव, उनकी पत्नी राबडी देवी, बेटी मीसा भारती एवं उपमुख्यमंत्री बेटे तेजस्वी यादव समेत उनके अनेक परिजनों पर प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद बिहार में गठबंधन सरकार से लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी यादव को हटाए जाने को लेकर नीतीश कुमार की जदयू एवं राजद के बीच चल रही तनातनी के बीच लालू यादव की खामोशी यहां खासी चर्चा का विषय रही।

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