MSG Bhandara: संतों का शुभ आगमन मानवता की तकदीर लिखता है

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Param Pita Shah Satnam Ji: 25 जनवरी का नाम सुनते ही आत्मा आनंद में विभोर हो जाती है। संतों का अवतार दिवस मानवता के लिए वरदान होता है। यह दिवस त्यौहार बन जाता है, क्योंकि संतों का शुभ आगमन मानवता की तकदीर लिखता है। रूहानियत, इन्सानियत और संस्कृति ही किसी राष्टÑ, देश, समाज व क्षेत्र की खुशहाली, अमन-शान्ति  और भाईचारे रूपी भवन की नींव होते हैं। MSG Bhandara
विज्ञान, तकनीक और बुद्धि भौतिक प्रगति तो दे सकती हैं, लेकिन जीवन में संतोष और आनंद रूहानी मार्गदर्शक के नेतृत्व से ही मिलता है। यदि केवल भौतिक प्रगति ही अपने आप में पूर्ण होती, तो दुनिया कब की स्वर्ग बन चुकी होती। रूहानियत के बिना मानव जीवन के उच्चतम आदर्श को प्राप्त नहीं कर सकता।
सच्चे संत रूहानियत का संदेश देकर जलते-बलते संसार के दुखी लोगों के दिलों में ठंडक भर देते हैं। उनके पावन वचनों को सुनकर निर्दोषों पर तलवार चलाने वालों के हाथ वहीं रुक जाते हैं, पापी भक्त बन जाते हैं, लोगों का खून चूस-चूसकर धन जोड़ने वाले तौबा करके दानी सज्जन बन जाते हैं। दुश्मनियां भाईचारे में बदल जाती हैं और नफरत व ईर्ष्या में फंसे लोग प्रेम के मार्ग पर चल पड़ते हैं। MSG Bhandara

25 जनवरी के पावन दिवस को पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी महाराज ने अवतार धारण किया

25 जनवरी के पावन दिवस को इस धरती पर सच्चे सतगुरु, रूहानी रहबर, दयालुता के पुंज, समाज सुधारक, डेरा सच्चा सौदा के दूसरे गुरु, पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी महाराज ने अवतार धारण किया। आप जी ने सभी धर्मों के लोगों को एक जगह पर बैठाकर, ईश्वर, अल्लाह, वाहेगुरु, राम की भक्ति और मानवता का सच्चा पाठ पढ़ाया। आप जी ने जब पावन गुरुगद्दी संभाली, वह ऐसा दौर था जब दुनिया दो विश्व युद्धों की मार सहने के बाद भी तीसरे युद्ध की तैयारियों में जुटी हुई थी। पूरी दुनिया में नस्ल, रंग, धर्म, जाति के नाम पर झगड़े हो रहे थे।
तथाकथित आधुनिकता के हावी हाने से भारतीय संस्कृति के महान मूल्यों का पतन शुरू हो गया था। गांव-गांव शराब के ठेके खुलने लगे थे, भ्रष्टाचार जोर पकड़ रहा था, हरामखोरी के अड्डे बढ़ने लगे थे। इस काले दौर में आप जी ने सत्य का ऐसा प्रकाश फैलाया कि लाखों लोग शराब और अन्य नशे छोड़कर सत्संग सुनने और भक्ति के मार्ग पर चल पड़े। दुनिया भर से लोगों ने जब सरसा में रूहानी ज्योति का प्रकाश देखा, तो वे सात समंदर पार से श्रद्धावश सरसा की तरफ खिंचे चले आए।
आज आप जी का युवा स्वरूप, तीसरी बॉडी पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां  दुनिया भर में डेरा सच्चा सौदा का संदेश फैला रहे हैं और सवा सात करोड़ से ज्यादा लोग नशा और बुराईयां छोड़ कर मानवता की सेवा में दिन-रात जुटे हुए हैं। एशिया, अफ्रीका, अमेरिका, यूरोप, आॅस्ट्रेलिया सहित कोई भी महाद्वीप ऐसा नहीं है, जहां डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालु मानवता की सेवा में न जुटे हों। ऐसे महान सतगुरु जी के पावन अवतार दिवस की सारी सृष्टि को कोटि-कोटि बधाई हो। MSG Bhandara
संपादक

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