Anmol Vachan: इन्सान भगवान को ये 'चीज' दे दे तो वो भगवान के साक्षात दर्शन कर सकता है!

जो सच्ची भावना से मालिक को बुलायेगा, मालिक खुशियों से उसकी झोलियां भर देगा: पूज्य गुरु जी

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Saint Dr Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि  इन्सान के अंदर गलत, बुरे विचार जहां से फूटते हैं वही मन है। मन इन्सान को भांति-भांति के बुरे ख्यालात देता है, इन्सान को मालिक से दूर करते हुए उसके असली लक्ष्य से भटका देता है। मन इन्सान को अहंकारी बना देता है। Anmol Vachan

पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि इन्सान मन की चालों में ऐसा खो जाता है कि उसे भगवान की याद नहीं रहती और मन-माया में उलझ जाता है। मन इन्सान को मालिक से दूर करता है और इन्सान को भुला देता है कि इन्सान का असली मकसद प्रभु को पाना था।

पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि भगवान की प्राप्ति के लिए भक्ति जरूरी है। इन्सान घर-परिवार में रहते हुए मालिक की बंदगी कर सकता है। अपनी आंतरिक बुराइयां और पवित्र भावना इन्सान भगवान को दे सकता है ताकि मनुष्य उसके साक्षात दर्शन कर सके। इन्सान जब तक बाहरी दिखावे को छोड़कर सच्चे हृदय से मालिक की भक्ति नहीं करता तब तक मालिक की दया-दृष्टि के काबिल नहीं बन सकता। इसके लिए गरीब या अमीर चाहे कोई भी हो, जो सच्ची भावना से मालिक को बुलायेगा, मालिक खुशियों से उसकी झोलियां भर देगा। Anmol Vachan

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