Spirituality

रूहानियत: जब बेपरवाह साईं जी का पावन भंडारा मनाने पंजाब पहुंचे पूजनीय परम पिता जी

‘गांव का नाम चुघ्घां, नाम लेकर कर दो उघ्घा, फिर बनेगा उघ्घा, फिर हो जाएगा चुघ्घा’ सच कहूँ/मनजीत नरूआणा चुघ्घे कलां/बठिंडा। कहते हैं जिस धरती पर पूर्ण मुर्शिद के पावन चरण कमल पड़ जाएं, वह धरती भागों वाली हो जाती है। गांव और ब्लॉक चुघ्घे कलां जिला बठिंडा में डेरा सच्चा सौदा सरसा की दूसरी […]
देश  अनमोल वचन  अध्यात्म  न्यूज़ ब्रीफ 

प्यारे सतगुरू जी ने बख्शी पुत्र की दात

जीवां बाई फाजिल्का जिले के नुकेरिया गांव की रहने वाली थी। वह उन दिनों अपनी शादीशुदा बेटी के भविष्य को लेकर चिंतित थी क्योंकि जीवां बाई की बेटी जट्टो बाई के चार लड़कियां ही थी कोई पुत्र नहीं था। इसलिए जीवां बाई के दामाद बलवंत सिंह के सगे-संबंधी बलवंत पर दूसरी शादी का दवाब बना […]
देश  अध्यात्म  न्यूज़ ब्रीफ 

बेटा, बहुत भयानक कर्म था, सूली से सूल हो गया। यह साध-संगत की सेवा का ही फल है।’’

यह बात 10 अक्तूबर, 1988 की है। मैं बिजली बोर्ड में लाईनमैन के पद पर नियुक्त था। मुझे मासिक सत्संग पर आश्रम में जाना था परंतु छुट्टी न मिलने के कारण नहीं जा सका। उसी दिन शाम को मैं सांगला गांव में एक हजार वोल्टेज पर काम कर रहा था। अचानक दुर्घटना हुई और बिजली […]
प्रेरणास्रोत  न्यूज़ ब्रीफ 

‘‘बेटा, परवाह न कर ! मालिक खुशियां बख्शेगा।’’

17जनवरी 1976 गांव महमा सरजा (पंजाब) में सत्संग था। पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी महाराज (Satguru) शाम के समय अधिकांशत: बाहर खेतों में घूमने जाया करते। वहां गुरबचन सिंह फौजी नाम का एक व्यक्ति था, जिसका घर गांव से बाहर था। उसने सोचा कि काश! उसका घर भी पक्का और सुंदर होता तो वह […]
अध्यात्म  न्यूज़ ब्रीफ 

‘‘बेटा, लड़की को पढ़ाओ, लड़की भी पढ़-लिखकर माता-पिता का नाम रोशन कर सकती है।’’

मेरे घर सबसे पहले लड़की ने जन्म लिया। उसके बाद दस वर्ष तक कोई संतान नहीं हुई। इस पर हमारे रिश्तेदारों ने हमें ताने मारने शुरू कर दिए कि तुमने तो डेरा सच्चा सौदा, सरसा वाले संत जी से नाम ले रखा है, तुम्हारे लड़का क्यों नहीं हुआ? लेकिन मुझे अपने अपने सतगुरू पर पूरा […]
अध्यात्म  न्यूज़ ब्रीफ 

पूज्य साईं जी ने स्वप्न में दर्शन देकर जीव को करवाया गलती का अहसास

श्री बन्ता सिंह गांव श्री जलालआणा साहिब ने बताया कि पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज (Pujya Sai ji) के हुक्म द्वारा जब पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी महाराज डेरा सच्चा सौदा सरसा में आकर रहने लगे तो पीछे से पूजनीय बड़ी माता जी ने एक दिन मुझे बुलाकर कहा, ‘‘बन्ता सिंह! अपने […]
अध्यात्म  न्यूज़ ब्रीफ 

पूज्य हजूर पिता जी ने बच्चे को बख्शा नया जीवन

प्रेमी गुरसेवक सिंह इन्सां, सुपुत्र श्री हरनेक सिंह प्रीत नगर, गली नं. 12, सरसा (हरियाणा) प्रेमी जी अपने सतगुरू (Poojya Hazoor Pita ji) कुल मालिक पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की उपरोक्त अनुसार अपार रहमत का प्रत्यक्ष करिश्मा इस प्रकार लिखित में बताता है:- प्रेमी गुरसेवक सिंह इन्सां ने बताया […]
न्यूज़ ब्रीफ 

प्यारे सतगुरू जी की रहमत, जीव का दु:ख किया दूर

यह सन् 1967 की बात है। उन दिनों मेरे पांव में फोड़ा निकला हुआ था, जिसके कारण मैं चलने-फिरने में असमर्थ था। पूजनीय परम पिता जी उस दिन सत्संग फरमाने के लिए रामां मंडी होेते हुए गांव भागी वांदर पधारे। मुझे गांव के कुछ सत्संगियों ने बताया कि पूजनीय परम पिता जी (Satguru ji’s Mercy) […]
अध्यात्म 

सुमिरन, सेवा और दृढ़ यकीन रूहानियत के गहने

सरसा। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इंसान जब उस परमपिता परमात्मा, सतगुरु, मौला के प्यार में, उसकी मोहब्बत में खो जाता है तो दुनिया उसके लिए कोई मायने नहीं रखती। इतना मस्त हो जाता है, बेफिक्र हो जाता है, बे-गम हो जाता है उसे लगता नहीं कि […]
अनमोल वचन  अध्यात्म  न्यूज़ ब्रीफ 

अनमोल वचन : भक्ति-इबादत से साफ होता है अंत:करण

सरसा। पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि मालिक का नाम इस जलते-बलते भट्ठ, इस कलियुग में आत्मा के लिए मृत संजीवनी है। मर रही इन्सानियत, तड़प रही इन्सानियत को अगर कोई जिंदा रख सकता है तो वो है ओम, हरि, अल्लाह, वाहेगुरु का नाम। उस ईश्वर का […]
अनमोल वचन  अध्यात्म  न्यूज़ ब्रीफ 

दूसरों की बुराई देखने की बजाय, खुद में निगाह मारो

सरसा (सकब)। पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि दूसरों की गलतियां देखने की बजाय इन्सान को अपने अंदर निगाह जरूर मारनी चाहिए। इन्सान दूसरों की तरफ तो हर समय निगाह मारता है और उनकी गलतियां देखता है जबकि उसे चाहिए कि वह अपने अंदर निगाह मारकर देखे। अगर […]
अनमोल वचन 

वचनों पर अमल करने से ही खुशियां मिलती हैं

सरसा। पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि सत्संग एक ऐसी जगह है यहां इन्सान जब भी चल कर आता है, तो उसके इस जन्म के पाप कर्म और संचित पाप कर्म खत्म हो जाते हैं। पर पूर्णत: खत्म तभी होते हैं जब इन्सान सत्संग पर अमल करता […]
अध्यात्म