Spirituality
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सेवा करो, सुमिरन करो तो बुरे विचार रूक जाएंगे: पूज्य गुरू जी
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By Sach Kahoon Desk
सरसा। पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान जब तक अपने अत:करण को पाक-पवित्र नहीं करता, तब तक मालिक की तमाम खुशियां उसके अंदर नहीं ठहरती। अपने अंदर के विचारों का शुद्धीकरण करो। विचारों को शुद्ध करने के लिए एक मात्र तरीका है सेवा और सुमिरन। पूज्य गुरु […]
सिनेमा मालिक का अहंकार टूटा
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By Sach Kahoon Desk
पूजनीय शाह मस्ताना जी महाराज ने सांगला हिल (आज कल पाकिस्तान) में सभी सत्संगियों के साथ मिलकर सत्संग घर (डेरा) बनाने का विचार किया। कुछ लोगों ने डेरा बनाने का विरोध भी किया व बहुत सी अड़चनें भी पैदा की गर्इं लेकिन आप जी ने अपनी मधुर वाणी व रूहानी तेज के प्रभाव के साथ उन […]
50-60 सालों तक काम करेंगे
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By Sach Kahoon Desk
पूजनीय बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज ने लंगर में पुड़े बनवाए व साध-संगत को खूब भोजन करवाया गया। बारिश होने से सारा वातावरण बहुत ही सुहावना हो गया
‘भाई! कौन कहता है बच्चे को काल ले गया?
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By Sach Kahoon Desk
5 अक्तूबर 1969 गांव कोट बख्तू (बठिंडा) में पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज ने सत्संग फरमाया। उस समय प्यारे सतगुरू जी रात के सत्संग के समय 11-12 बजे ही स्टेज पर आया करते थे। इस सत्संग से कुछ दिन पहले गांव त्योणा पूजारियां में 10-11 साल के एक बच्चे की किसी हादसे में मौत […]
अपने मतलब, खुदगर्जी के लिए लोग हर हद से गिर जाते हैं : पूज्य गुरू जी
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सरसा। पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि जीव पर मालिक की रहमत होती है तो जीव सत्संग में चलकर आता है। उस पर परम पिता परमात्मा का रहमो-करम बरसता है। जो जीव सुनकर अमल करता है, वो जीव पूरा फायदा उठा लेता है। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं […]
भयानक पाप-कर्मों से बचाता है संतों का सत्संग
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सरसा (सकब)। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि जो जीव ओम, हरि, अल्लाह, वाहेगुरु, मालिक की याद में आकर बैठते हैं, उस परमपिता परमात्मा की चर्चा करते हैं, वो बहुत भाग्यशाली होते हैं या भाग्यशाली बन जाया करते हैं। आप जी फरमाते हैं कि जन्मों-जन्मों के संचित कर्म […]
सेवा-सुमिरन से मिलती हैं तमाम बरकतें
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सरसा। पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि मालिक का प्यार, उसकी मुहब्बत एक ऐसी लगन है जिसको ये लगन लग जाती है उसके जन्मो-जन्मों के पाप-कर्म कैसे कट जाते है, उसे खुद मालूम नहीं होता। अल्लाह, वाहेगुरू से जो सच्चा प्यार, मुहब्बत करते हैं, तो परमात्मा कदम-कदम पर […]
रूहानियत: जब बेपरवाह साईं जी का पावन भंडारा मनाने पंजाब पहुंचे पूजनीय परम पिता जी
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‘गांव का नाम चुघ्घां, नाम लेकर कर दो उघ्घा, फिर बनेगा उघ्घा, फिर हो जाएगा चुघ्घा’ सच कहूँ/मनजीत नरूआणा चुघ्घे कलां/बठिंडा। कहते हैं जिस धरती पर पूर्ण मुर्शिद के पावन चरण कमल पड़ जाएं, वह धरती भागों वाली हो जाती है। गांव और ब्लॉक चुघ्घे कलां जिला बठिंडा में डेरा सच्चा सौदा सरसा की दूसरी […]
प्यारे सतगुरू जी ने बख्शी पुत्र की दात
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जीवां बाई फाजिल्का जिले के नुकेरिया गांव की रहने वाली थी। वह उन दिनों अपनी शादीशुदा बेटी के भविष्य को लेकर चिंतित थी क्योंकि जीवां बाई की बेटी जट्टो बाई के चार लड़कियां ही थी कोई पुत्र नहीं था। इसलिए जीवां बाई के दामाद बलवंत सिंह के सगे-संबंधी बलवंत पर दूसरी शादी का दवाब बना […]
बेटा, बहुत भयानक कर्म था, सूली से सूल हो गया। यह साध-संगत की सेवा का ही फल है।’’
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यह बात 10 अक्तूबर, 1988 की है। मैं बिजली बोर्ड में लाईनमैन के पद पर नियुक्त था। मुझे मासिक सत्संग पर आश्रम में जाना था परंतु छुट्टी न मिलने के कारण नहीं जा सका। उसी दिन शाम को मैं सांगला गांव में एक हजार वोल्टेज पर काम कर रहा था। अचानक दुर्घटना हुई और बिजली […]
‘‘बेटा, परवाह न कर ! मालिक खुशियां बख्शेगा।’’
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By Sach Kahoon Desk
17जनवरी 1976 गांव महमा सरजा (पंजाब) में सत्संग था। पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी महाराज (Satguru) शाम के समय अधिकांशत: बाहर खेतों में घूमने जाया करते। वहां गुरबचन सिंह फौजी नाम का एक व्यक्ति था, जिसका घर गांव से बाहर था। उसने सोचा कि काश! उसका घर भी पक्का और सुंदर होता तो वह […]
‘‘बेटा, लड़की को पढ़ाओ, लड़की भी पढ़-लिखकर माता-पिता का नाम रोशन कर सकती है।’’
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By Sach Kahoon Desk
मेरे घर सबसे पहले लड़की ने जन्म लिया। उसके बाद दस वर्ष तक कोई संतान नहीं हुई। इस पर हमारे रिश्तेदारों ने हमें ताने मारने शुरू कर दिए कि तुमने तो डेरा सच्चा सौदा, सरसा वाले संत जी से नाम ले रखा है, तुम्हारे लड़का क्यों नहीं हुआ? लेकिन मुझे अपने अपने सतगुरू पर पूरा […]