शिक्षा और रोजगार
Fraud Alert: हरियाणा कौशल रोजगार निगम में नौकरी का झांसा देकर ठगे 4.57 लाख
14 लोगों से ठगी करने के मामले में आरोपी गिरफ्तार
कैथल (हि.स.)। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने का कथित झांसा देकर 14 लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जाखौली गांव निवासी संजू कुमार के रूप में हुई है। वह पहले से एक अन्य धोखाधड़ी के मामले में कैथल जेल में बंद था। पुलिस ने उसे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर इस मामले में पूछताछ की। Kaithal News
पुलिस के मुताबिक, नंदकरण माजरा निवासी नरेश कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता की वर्ष 2018 में राजौंद अस्पताल में नौकरी के दौरान संजू कुमार से पहचान हुई थी। आरोप है कि संजू ने बड़े अधिकारियों से संपर्क होने का दावा करते हुए नरेश के रिश्तेदारों को स्वास्थ्य विभाग में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। बाद में उसने प्रत्येक उम्मीदवार से 31,675 रुपये देने की मांग की।
नरेश ने आरोपी की बात पर भरोसा करते हुए अपने 14 रिश्तेदारों की नौकरी लगवाने के लिए अलग-अलग तारीखों में Google Pay के जरिए कुल 4,57,450 रुपये उसके खाते में भेज दिए। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने दावा किया कि सभी उम्मीदवारों की 7 जनवरी 2026 को नौकरी लग जाएगी। इसी दिन उसने नरेश के WhatsApp पर कथित ज्वाइनिंग लेटर भी भेजे।
बाद में जांच में ये दस्तावेज फर्जी पाए गए। किसी भी उम्मीदवार की नौकरी नहीं लगी और आरोपी ने रकम लौटाने से भी इनकार कर दिया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, पैसे वापस मांगने पर उसे कथित तौर पर धमकी भी दी गई। शिकायत मिलने के बाद राजौंद थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की जांच आर्थिक सेल प्रभारी इंस्पेक्टर ओमप्रकाश के नेतृत्व में एसआई बिजेंद्र सिंह की टीम कर रही थी। Kaithal News
पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले से ही एक अन्य धोखाधड़ी के मामले में कैथल जेल में बंद था। अदालत की अनुमति के बाद उसे प्रोडक्शन वारंट पर इस मामले में गिरफ्तार किया गया और पूछताछ की गई। पूछताछ पूरी होने के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई ऐसे मामलों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत भी बताती है। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर किसी व्यक्ति को पैसे देने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक सूचना और भर्ती प्रक्रिया की पुष्टि करना जरूरी है। किसी भी संदिग्ध ज्वाइनिंग लेटर या नियुक्ति संबंधी दस्तावेज की संबंधित विभाग से जांच करानी चाहिए। Kaithal News