15 साल से फरार घोषित अपराधी जबरन वसूली के मामले में जयपुर से गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने जबरन वसूली के मामले में 15 साल से फरार चल रहे घोषित अपराधी को किया गिरफ्तार

Published On

नई दिल्ली (एजेंसी)। New Delhi: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जबरन वसूली के मामले में 15 साल से फरार चल रहे एक घोषित अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी राजस्थान के जयपुर में एक रिहायशी सोसाइटी के अंदर छिपा हुआ था। उसके ठिकाने की पुष्टि होने के बाद उसे जयपुर से पकड़ा गया और कानून के प्रावधानों के अनुसार गिरफ्तार कर लिया गया।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह मामला 2008 की एक घटना से जुड़ा है, जिसमें आरोपी ने एक प्रमुख मल्टीनेशनल गारमेंट कंपनी में नौकरी के दौरान वहां से जबरन पैसे वसूलने की कोशिश की थी। नतीजतन, स्पेशल सेल थाने में कई धाराओं मामला दर्ज किया गया था। कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए अदालत में लगातार पेश न होने के कारण अदालत ने उसे 2 अप्रैल 2016 को घोषित अपराधी करार दिया था।

सनसनीखेज अपराधों से जुड़े फरार अपराधियों की हालिया खोजबीन को देखते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की एक टीम बनाई गई थी। इस टीम ने ऐसे अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखी, ताकि उन्हें और अपराध करने से रोका जा सके। एक महीने से अधिक समय तक की कड़ी जांच-पड़ताल के बाद यह पता चला कि शुरू में आरोपी इस मामले में कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए गुजरात चला गया था और बाद में राजस्थान चला गया।

13 अगस्त को टीम को पुख्ता जानकारी मिली कि गिरफ्तारी से बचने के लिए एक भगोड़ा राजस्थान के जयपुर में छिपा हुआ है। इस सूचना पर स्पेशल सेल की टीम तुरंत जयपुर के लिए रवाना हो गई। गहन तलाशी के बाद टीम ने पुष्टि की कि आरोपी राजस्थान के जयपुर में एक रिहायशी सोसाइटी के अंदर छिपा हुआ था। उसके ठिकाने की पुष्टि होने के बाद, उसे राजस्थान के जयपुर से पकड़ा गया और कानून के प्रावधानों के अनुसार गिरफ्तार कर लिया गया।

अधिकारियों ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी दिल्ली, हरियाणा, गुजरात और राजस्थान में एक व्यापक अंतर-राज्यीय छानबीन का नतीजा है। आरोपी की पहचान हरि सिंह शेखावत के रूप में की गई है। कई नामी MNCs में सीनियर पदों पर काम कर चुके हैं। साल 2008 में, जब वे एक गारमेंट MNC के साथ काम कर रहे थे, तब उन्होंने उस कंपनी से जबरन पैसे वसूलने की कोशिश की थी।

वह एक्सएलआरआई से ग्रेजुएट है और कई जानी-मानी एमएनसी कंपनियों में सीनियर पदों पर काम कर चुका है। साल 2008 में, जब वह एक गारमेंट एमएनसी के साथ काम कर रहा थ, तब उन्होंने उस कंपनी से जबरन पैसे वसूलने की कोशिश की थी।

2-lakh-reward-accused-arrested

About The Author

Related Posts