Bihar Politics: ‘वंदे मातरम’ को लेकर BJP-कांग्रेस में तनातनी

बीजेपी ने कहा- देश बर्दाश्त नहीं करेगा

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पटना, (एजेंसी)। कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम' के गायन के दौरान सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रतिक्रिया को लेकर बिहार भाजपा के नेताओं ने तीखा हमला बोला है। पार्टी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस की इस हरकत को देश की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, "कांग्रेस मुख्यालय में जिस तरह से राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' का अपमान किया गया, उसे देश की जनता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी। कभी सोचा भी नहीं जा सकता था कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी तुष्टीकरण की राजनीति में इतना नीचे गिर जाएंगे।

सरावगी ने कहा, "कल पूरा देश देख रहा था। जैसे ही 'वंदे मातरम' का दूसरा पद बजना शुरू हुआ, उनके चेहरों पर ऐसी बेचैनी और असहजता दिखी, मानो पूछ रहे हों कि 'क्या बज रहा है? राष्ट्रगीत देश के सम्मान, आदर और स्वाभिमान का प्रतीक है। ये लोग इसका अपमान कर रहे हैं।" बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि 'वंदे मातरम' उस समय बनाया गया था जब एक ही पार्टी थी। ये लोग उस तरह से वंदे मातरम को महत्व नहीं दे रहे जितना भारतीय जनता पार्टी दे रही है। हमको लगता है यही बात उनको बुरी लगती होगी।"

15 अगस्त के कार्यक्रम में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की गैरमौजूदगी पर उन्होंने कहा, "15 अगस्त और 26 जनवरी किसी दल का कार्यक्रम नहीं होता। यह राष्ट्रीय पर्व है। इसमें सरकार और जनता शामिल होती है। पहले मनमोहन सिंह से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी तक सभी लोग शामिल होते थे, लेकिन अब इन लोगों की मानसिकता ऐसी है कि 15 अगस्त-26 जनवरी को भी पार्टी के नाम पर विभाजित करते हैं। पता नहीं भविष्य में देश को कहां ले जाएंगे।"

'वंदे मातरम' गायन के दौरान कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया पर बिहार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा, "यह दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। लोकतंत्र में ऐसे आचरण की कोई जगह नहीं है। मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्र सर्वोपरि और राष्ट्रवाद की भावना हर किसी में होनी चाहिए। यह चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए लोगों की मानसिकता को दर्शाता है।" मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा, "वंदे मातरम वही मंत्र है जिसकी वजह से देश को आजादी मिली, लेकिन कांग्रेस को आज वह भी पच नहीं रहा।" वहीं, भाजपा नेता राम कृपाल यादव ने कहा, "सोनिया गांधी तो विदेशी हैं। वो यहां आई हैं, लेकिन लगता है कि अब भी उन्हें देश से, राष्ट्रगीत से और तिरंगे से प्रेम नहीं है।"

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