कल रखी जाएगी ठेकेदारी सिस्टम खत्म करने की नींव, 25 हजार कर्मचारी होंगे ‘लाभान्वित’
ठेकेदारों के अधीन काम करने वाले कर्मचारी आएंगे सरकार के अधीन, पेश होगा बिल
चंडीगढ़ (सच कहूँँ/अश्वनी चावला)। Punjab News: पंजाब सरकार द्वारा पंजाब भर में ठेकेदारों के अधीन काम करने वाले कर्मचारियों को लाभ देने के उद्देश्य से आज ठेकेदारी सिस्टम को ही खत्म करने की नींव रखी जाएगी। पंजाब भर में ठेकेदारों के अधीन काम करने वाले करीब 25 हजार कर्मचारियों को सरकार के अधीन लाने के लिए विधानसभा में एक महत्वपूर्ण बिल पेश किया जा रहा है। बिल के पास होने के बाद इसे एक्ट के रूप में पूरे पंजाब में लागू कर दिया जाएगा। हालांकि, जिन कर्मचारियों ने कम से कम 5 साल तक ठेकेदारी सिस्टम के माध्यम से सरकार में काम किया है, उन्हें ही सरकार के अधीन कच्चे कर्मचारी के रूप में रखा जाएगा। अन्य कर्मचारियों पर इस संबंध में विचार नहीं किया जाएगा। वहीं, खतरनाक श्रेणी के कार्यों में लगे कर्मचारियों के लिए यह समय सीमा 3 साल रखी गई है।
जानकारी के अनुसार पंजाब में ठेकेदारी के तहत पंजाब सरकार के विभिन्न संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों की लंबे समय से मांग थी कि उन्हें ठेकेदारी सिस्टम से मुक्त किया जाए। उनका कहना है कि सरकार की ओर से मिलने वाली तनख्वाह में से बड़े स्तर पर कटौती ठेकेदार द्वारा ही कर ली जाती है और 8 से 12 घंटे तक काम करने के बावजूद उन्हें पर्याप्त वेतन नहीं मिल पाता। इन ठेकेदारों के अधीन काम करने वाले कर्मचारियों की माँग को स्वीकार करते हुए पंजाब सरकार द्वारा पंजाब राज्य आउटसोर्स्ड पर्सोनल बिल, 2026 सोमवार, 10 अगस्त को पंजाब विधानसभा में पेश किया जा रहा है।
इस बिल के माध्यम से उन कर्मचारियों को पंजाब सरकार में कच्चे कर्मचारियों के रूप में रखा जाएगा, जो ठेकेदारी सिस्टम के माध्यम से काम कर रहे थे। शुरूआती जाँच के दौरान करीब 25 हजार कर्मचारी ऐसे पाए गए हैं, जो 5 साल से अधिक समय से ठेकेदारों के अधीन काम कर रहे हैं और उन्हें इसका लाभ मिलेगा। इस सूची में बिजली विभाग, फायरमैन और सीवर कर्मचारी भी शामिल हैं, जिन्हें निर्धारित समय सीमा में 2 साल की छूट देते हुए केवल 3 साल का कार्यकाल पूरा करना होगा। इस नई व्यवस्था में ठेकेदार द्वारा लिया जाने वाला कमीशन और हर तरह की कटौती बंद हो जाएगी, जिससे कच्चे कर्मचारियों को वेतन के रूप में लाभ मिलेगा। पंजाब सरकार द्वारा निर्धारित वेतन उन्हें दिया जाएगा और उसमें किसी भी तरह की कटौती नहीं होगी, सिवाय ईपीएस/पीएफ के।
बैंक स्टेटमेंट का देना होगा रिकॉर्ड, नकद वेतन नहीं होगा मान्य
ठेकेदारी सिस्टम से सरकार में कच्चे कर्मचारी के रूप में ट्रांसफर होने वाले प्रत्येक कर्मचारी को रिकॉर्ड के तौर पर हाजिरी रजिस्टर के अलावा अपनी बैंक स्टेटमेंट भी दिखानी होगी। बैंक स्टेटमेंट में प्रत्येक माह की तनख्वाह दर्ज होना जरूरी है। बैंक खाते में जमा हुई तनख्वाह को ही रिकॉर्ड में कार्यकाल के प्रमाण के रूप में माना जाएगा, जबकि नकद वेतन लेने वाले कर्मचारियों का कार्यकाल मान्य नहीं किया जाएगा।