International News: इंडोनेशिया में 14 दिन का आपातकाल! 7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद किया गया लागू
51 लोगों की हुई मौत, बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू
Tsunami Alert: जकार्ता (एजेंसी)। इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में शक्तिशाली भूकंप के बाद बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया है। फ्लोरेस द्वीप में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद प्रांतीय प्रशासन ने 15 से 28 अगस्त तक 14 दिनों के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया की स्थिति लागू कर दी है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (BNPB) के अनुसार, भूकंप के बाद लगातार झटके महसूस किए गए और अब तक 51 लोगों की मौत तथा 113 लोगों के घायल होने की सूचना है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। International News
भूकंप के बाद बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सिक्का क्षेत्र में 3,356, मंगराई में 2,078 और नगेकेओ में करीब 500 लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली है। इसके अलावा बिमा और सेलयार क्षेत्रों में भी लोगों को विस्थापित होना पड़ा है। आपदा से मकानों और सार्वजनिक सुविधाओं को भी व्यापक नुकसान हुआ है। अब तक 914 मकानों के पूरी तरह या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। वहीं 126 घरों को मध्यम और 317 मकानों को मामूली नुकसान पहुंचा है।
स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र भी प्रभावित | International News
भूकंप के प्रभाव से 93 शैक्षणिक संस्थानों, 36 स्वास्थ्य केंद्रों और 38 सरकारी कार्यालयों को भी नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण सड़कें बाधित हो गई हैं, जिससे राहत दलों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्वी नुसा तेंगारा के गवर्नर मेल्की लाका लेना ने बताया कि प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था बहाल करने और राहत पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रहा है। BNPB ने प्रभावित इलाकों में भोजन और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति शुरू कर दी है। पूर्वी फ्लोरेस रीजेंसी के लॉजिस्टिक केंद्र से राहत सामग्री रवाना की जा रही है। इसके अलावा जकार्ता से भी विमान के जरिए आवश्यक सामान प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा है।
उड़ानें रद्द, सुनामी चेतावनी वापस
शक्तिशाली भूकंप के बाद पूर्वी नुसा तेंगारा में कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। भूकंपीय गतिविधि के बाद सुनामी की चेतावनी भी जारी की गई थी, जिसे बाद में इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी ने वापस ले लिया। प्रशासन द्वारा आपातकालीन स्थिति लागू करने का उद्देश्य राहत एवं बचाव अभियान को गति देना, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना, आवश्यक सामग्री वितरित करना और पुनर्वास कार्यों को तेज करना है। बचाव दल अभी भी विभिन्न क्षेत्रों में नुकसान का आकलन कर रहे हैं और प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने में जुटे हैं। International News