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Punjab News: विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त, अंतिम दिन विधेयकों को लेकर विपक्ष ‘नाराज’
स्पीकर कुलतार संधवां ने सरकार को दी सलाह, 15 दिन पहले भेजा करें विधेयक
चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। Punjab News: पंजाब विधानसभा में 6 दिनों का मानसून सत्र समाप्त हो गया है और विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। विधानसभा में मानसून सत्र के अंतिम दिन काफी ज्यादा हंगामा होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन विपक्ष की ओर से किसी भी मुद्दे पर ज्यादा हंगामा नहीं किया गया। हालांकि, इस दौरान विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने एक ही दिन में 9 विधेयक पेश किए जाने के मामले को लेकर आपत्ति जताई। प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि एक ही दिन में इतने अधिक विधेयक पढ़कर उन पर बहस कैसे की जा सकती है। उन्होंने कहा कि विधेयक पढ़े बिना उस पर बहस भी नहीं की जा सकती।
इसलिए विधानसभा की कार्यवाही को 2 दिनों के लिए बढ़ाया जाए, ताकि सभी विधेयकों को पढ़ा जा सके और एक ही दिन सभी विधेयक पास करने के बजाय आधे-आधे विधेयक ही पेश किए जाएँ। प्रताप सिंह बाजवा द्वारा उठाए गए इस मुद्दे पर स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने संसदीय कार्य मंत्री रवजोत सिंह को सलाह दी कि भविष्य में यह सुनिश्चित किया जाए कि विधानसभा सदन में पेश होने वाले विधेयकों की प्रतियाँ कम से कम 15 दिन पहले उपलब्ध करवाई जाएँ, ताकि विधायकों को विधेयक मिलने के बाद वे उन्हें पढ़कर अपनी तैयारी कर सकें।
इस बीच पंजाब विधानसभा के अंतिम दिन विपक्ष की ओर से किसी भी मुद्दे पर कोई बड़ा हंगामा नहीं किया गया, जिसके चलते सरकार को सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने का अवसर मिला और कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। विधानसभा सदन में विधेयकों पर बोलने के दौरान एक ऐसा मौका भी आया, जब निर्दलीय विधायक राणा इन्द्र प्रताप सिंह को बोलने का अवसर नहीं दिया जा रहा था। इससे वह काफी नाराज हो गए और उन्होंने वेल में आकर हंगामा भी किया। राणा इन्द्र प्रताप सिंह का साथ कुछ कांग्रेस विधायकों ने भी दिया।

अंतिम दिन पेश हुए 9 विधेयक, भगवंत मान ने भी 2 विधेयकों की बहस में लिया हिस्सा
इसी तरह विधानसभा के अंतिम दिन कुल 9 विधेयक पेश किए गए और मुख्यमंत्री भगवंत मान भी विधानसभा सदन में 2 विधेयकों पर हुई बहस में भाग लेते नजर आए। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विधानसभा में पेश किए गए पंजाब रेगुलेशन आॅफ फीस आॅफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस बिल और पंजाब स्टेट आउटसोर्स्ड पर्सनल बिल, 2026 की बहस में हिस्सा लिया। उन्होंने स्कूलों द्वारा की जाने वाली फीस वृद्धि को लेकर सरकार की ओर से पेश किए गए विधेयक की प्रशंसा की और इसके पीछे मुख्य कारण भी बताया।
इसके साथ ही दूसरे विधेयक में ठेकेदारी सिस्टम को समाप्त करने संबंधी विधेयक पर बोलते हुए उन्होंने अपनी सरकार की सराहना की और कहा कि अब ठेकेदारों द्वारा लोगों का शोषण नहीं किया जाएगा। इसके अलावा विधानसभा में पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलर एंड मेंटेनेंस) बिल, 2026, क्लाउड यूनिवर्सिटी, होशियारपुर बिल, 2026, एम.एस. डिजिटल यूनिवर्सिटी पटियाला बिल, 2026, फिजिक्स वाला डिजिटल यूनिवर्सिटी पटियाला बिल, 2026, संशोधन बिल, 2026, पंजाब पंचायती राज संशोधन बिल, 2026 और पंजाब प्रोटेक्शन आॅफ ट्रीज बिल, 2026 पेश किए गए।