हरियाणा में बिजली कर्मियों की हड़ताल स्थगित
बिजली मंत्री अनिल विज के साथ पांच घंटे चली मैराथन बैठक के बाद बनी सहमति
चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। Chandigarh News: हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की 11 से 13 अगस्त तक प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल फिलहाल दो माह के लिए स्थगित कर दी गई है। ऊर्जा मंत्री अनिल विज और बिजली कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच करीब पांच घंटे चली मैराथन बैठक के बाद दोनों पक्षों में लिखित समझौता हुआ। सरकार ने कर्मचारी संगठनों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने के लिए दो माह का समय मांगा, जिस पर यूनियन नेताओं ने हड़ताल स्थगित करने पर सहमति जताई। बैठक के बाद मंत्री अनिल विज ने कहा कि कर्मचारी संगठनों के साथ बातचीत बहुत अच्छे माहौल में हुई है। सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से सुना है और उन पर विचार करने के लिए दो माह का समय मांगा है।
उन्होंने कहा कि इस अवधि में कर्मचारियों की मांगों के हर पहलू पर विचार किया जाएगा। वहीं, कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने कहा कि सरकार के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। उन्होंने अपनी सभी मांगें लिखित रूप में मंत्री अनिल विज को सौंप दी हैं। सरकार ने मांगों पर विचार करने के लिए दो माह का समय मांगा है, इसलिए फिलहाल 11 अगस्त से प्रस्तावित हड़ताल को दो माह के लिए स्थगित कर दिया गया है। बैठक में आॅल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन हिसार, हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड कर्मचारी संघ भिवानी, हरियाणा पावर इंजीनियर एसोसिएशन, हरियाणा पावर कॉरपोरेशन एससी/एसटी एवं बीसी कर्मचारी यूनियन और डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन समेत विभिन्न संगठनों के 10 से अधिक प्रमुख नेता शामिल हुए।
स्मार्ट मीटरिंग के लिए नहीं जारी किए टेंडर: विज
स्मार्ट मीटरिंग को लेकर कर्मचारियों की आपत्तियों पर विज ने स्पष्ट किया कि फिलहाल स्मार्ट मीटरिंग के लिए कोई टेंडर जारी नहीं किया गया है और प्रस्ताव अभी प्रक्रिया में है। प्रस्तावित हरियाणा एग्री-डिस्कॉम को लेकर कर्मचारी संगठनों ने विरोध जताया है। इस पर मंत्री विज ने बताया कि विधानसभा में मुख्यमंत्री की ओर से इसका उल्लेख किया गया था, लेकिन इस संबंध में मुख्यमंत्री के साथ अभी विस्तृत चर्चा नहीं हुई है। ऐसे में इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय से पहले सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा।
निजीकरण और स्मार्ट मीटरिंग पर थी मुख्य आपत्ति
कर्मचारी संगठनों की प्रमुख आपत्तियां बिजली वितरण के निजीकरण, स्मार्ट मीटरिंग और प्रस्तावित एग्री-डिस्कॉम को लेकर थीं। समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस के मुद्दे पर कर्मचारियों ने आशंका जताई थी कि इससे सरकारी बिजली वितरण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों को बताया कि निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने का मामला हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के समक्ष विचाराधीन है और आयोग एक स्वतंत्र वैधानिक संस्था है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार स्वयं निजीकरण के प्रस्ताव का विरोध आयोग के समक्ष दर्ज करा चुकी है।
