Punjab News: पंजाब के 30 फीसदी जिला शिक्षा अधिकारियों के पद खाली
23 जिलों के लिए डीईओ सैकेंडरी और एलीमेंट्री के 7-7 पद खाली
चंडीगढ़ (सच कहूँँ/अश्वनी चावला)। Punjab News: पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में ‘क्रान्तिकारी’ बदलाव के किए जा रहे दावों के बीच राज्य के जिला स्तरीय शिक्षा प्रबंधन की तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े करती है। पंजाब में जिला शिक्षा अधिकारियों के करीब 30 फीसदी पद खाली पड़े हैं। कई जिले महत्वपूर्ण पदों पर स्थायी अधिकारियों के बिना ही चल रहे हैं। राज्य के 23 जिलों में डीईओ (सैकेंडरी) के 23 में से 7 और डीईओ (एलीमेंट्री) के भी 23 में से 7 पद खाली हैं। इसके अलावा उप जिला शिक्षा अधिकारियों के 13 पद भी खाली बताए गए हैं।
इन खाली पड़े पदों की स्थिति सामने लाने के लिए डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (डीटीएफ) संगठन का कहना है कि यह केवल आँकड़े नहीं, बल्कि जिलों की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण पदों की कमी है। जिला शिक्षा अधिकारी पूरे जिले में स्कूली शिक्षा के प्रबंधन, निगरानी और विभागीय कामकाज के लिए जिम्मेदार होते हैं। ऐसे पदों का लंबे समय तक खाली रहना शिक्षा व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सीधा सवाल खड़ा करता है। डीटीएफ द्वारा दिए गए विवरण के अनुसार होशियारपुर और तरनतारन में चार महत्वपूर्ण पदों में से तीन-तीन खाली हैं। इसी तरह फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब और फाजिल्का में चार में से दो-दो पद खाली बताए गए हैं। अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, जालंधर, कपूरथला, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, लुधियाना, मानसा और बरनाला में भी इन चार महत्वपूर्ण पदों में से एक-एक पद खाली होने का दावा किया गया है।
मलेरकोटला के मामले ने भी सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। डीटीएफ के मुताबिक जिला बनने के पांच साल से अधिक समय बीतने के बावजूद जिला शिक्षा अधिकारियों के स्वीकृत पद ही नहीं दिए गए हैं। संगठन के अनुसार मलेरकोटला की शिक्षा व्यवस्था चलाने के लिए संगरूर के जिला शिक्षा अधिकारियों और मलेरकोटला के प्रिंसिपलों को अतिरिक्त प्रभार दिए गए हैं। स्कूल स्तर पर भी स्थिति बेहतर नहीं है। डीटीएफ के अनुसार सीनियर सैकेंडरी स्कूलों में प्रिंसिपलों के खाली पदों की संख्या अब करीब 1100 तक पहुंच गई है, जो कुल स्वीकृत पदों का 56 फीसदी से अधिक है। संगठन का आरोप है कि पिछले साल इस मामले की ओर ध्यान दिलाए जाने के बावजूद अभी तक खाली पदों को भरने के लिए आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई है।
228 बीपीईओ पदों में से 110 से अधिक खाली
जिला स्तर से नीचे ब्लॉक स्तर की स्थिति भी चिंताजनक बताई गई है। डीटीएफ के अनुसार पंजाब में ब्लॉक प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों के 228 पदों में से 110 से अधिक खाली हैं। रिपोर्ट में सबसे हैरान करने वाला दावा शिक्षा मंत्री के अपने जिले रूपनगर को लेकर किया गया है, जहाँ सभी 11 ब्लॉक बीपीईओ से वंचित बताए गए हैं। बीपीईओ ब्लॉक स्तर पर स्कूलों के प्रबंधन, प्राथमिक शिक्षा से संबंधित कार्यों और विभिन्न ग्रांटों की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए इन पदों का बड़ी संख्या में खाली रहना भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
डीटीएफ ने सरकार से माँगा जवाबदेही वाला एक्शन
डीटीएफ पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम देव सिंह, महासचिव महेन्द्र कौरआं वाली और वित्त सचिव अश्वनी अवस्थी ने सरकार से माँग की कि जिला शिक्षा अधिकारियों और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों को तुरंत भरा जाए। नेताओं ने कहा कि उप जिला शिक्षा अधिकारियों के पदों के लिए भी स्पष्ट भर्ती और पदोन्नति नियम बनाए जाएं। उन्होंने वेतन ग्रेड में विशेष वृद्धि करने और वरिष्ठता के आधार पर विभागीय पदोन्नति समिति के माध्यम से नियुक्तियों की व्यवस्था करने की मांग की। इसके साथ ही डीपीसी की हर माह बैठक सुनिश्चित करने की माँग की गई है, ताकि अधिकारियों के खाली पदों को लंबे समय तक अतिरिक्त प्रभार के माध्यम से चलाने की प्रथा समाप्त हो।
