शिक्षा और रोजगार
Free LPG Cylinders Yojana: इन परिवारों को मुफ्त 6 एलपीजी सिलेंडर की योजना को मिली मंजूरी
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में जमकर हंगामा
Free LPG Cylinders Yojana: श्रीनगर (सच कहूँ/एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर सरकार ने गुरुवार को विधानसभा में बताया कि अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) परिवारों को सालाना 6 मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की योजना को मंजूरी दी गई है। इस घोषणा के बाद सदन में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री सतीश शर्मा ने विधानसभा में जानकारी दी कि सरकार ने एएवाई परिवारों को सालाना 6 मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की योजना को मंजूरी दे दी है। इस घोषणा के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। भाजपा सदस्यों ने 'झूठी सरकार' और 'ये धोखा है' के नारे लगाए।
नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार ने चुनाव के दौरान हर परिवार को 12 मुफ्त सिलेंडर देने का वादा किया था और अब सिर्फ एएवाई परिवारों के लिए 6 सिलेंडर की घोषणा कर रही है। उन्होंने कहा, "दो साल पहले, आपने हर परिवार के लिए 12 मुफ्त सिलेंडरों की घोषणा की थी। आज मंत्री कह रहे हैं कि एएवाई को 6 सिलेंडर दिए जाएंगे। यह मजाक है। आप बेनकाब हो गए हैं। आपने लोगों को धोखा दिया है। सभी को 6 सिलेंडर भी नहीं देना गरीबों के साथ विश्वासघात है।"
सुनील शर्मा ने सरकार से एक लाख नौकरियों और 200 यूनिट मुफ्त बिजली के वादे पर भी सवाल उठाए। इस टिप्पणी के बाद सत्ता पक्ष के विधायकों ने विरोध जताया, जबकि भाजपा सदस्य नारेबाजी करते रहे, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने कुछ देर तक चले हंगामे के बीच व्यवस्था बहाल करने की कोशिश की।
बता दें कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा के मौजूदा शरदकालीन सत्र के दौरान भाजपा विधायक लगातार आक्रामक विरोध प्रदर्शन और वॉकआउट कर रहे हैं। भाजपा सीएम उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार के साथ कई जन और राजनीतिक मुद्दों पर टकराव में है। मौजूदा सत्र में भाजपा के प्रमुख विरोध प्रदर्शनों में दैनिक वेतन भोगी और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, बढ़ा हुआ मानदेय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों के लिए नौकरी सुरक्षा नीतियों के मुद्दे शामिल हैं। दूसरा बड़ा विरोध हाल ही में बिजली दर में 6.83 प्रतिशत की बढ़ोतरी के खिलाफ था, जिससे उपभोक्ताओं पर 251 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ा है।