Indian Railways: भारतीय रेलवे का बड़ा अपग्रेड, 163 करोड़ रुपए की इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन अपग्रेड परियोजना को मंजूरी
माल ढुलाई, वंदे भारत संचालन और रेल क्षमता में होगा बड़ा सुधार
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने रेल परिचालन को अधिक तेज, सुरक्षित और सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए दक्षिण मध्य रेलवे के परभणी–मुदखेड़ डबल लाइन रेलखंड में विद्युत ट्रैक्शन प्रणाली के आधुनिकीकरण को स्वीकृति प्रदान की है। इस परियोजना का उद्देश्य बढ़ते रेल यातायात के अनुरूप विद्युत आपूर्ति प्रणाली को अधिक मजबूत बनाना और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप रेल अवसंरचना विकसित करना है। Indian Railways
रेल मंत्रालय के अनुसार, लगभग ₹163 करोड़ की लागत से संचालित होने वाली इस परियोजना के अंतर्गत वर्तमान 1×25 केवी विद्युत ट्रैक्शन प्रणाली को उन्नत 2×25 केवी ट्रैक्शन प्रणाली में परिवर्तित किया जाएगा। यह कार्य लगभग 164 ट्रैक किलोमीटर क्षेत्र में किया जाएगा, जिससे इस रेलखंड की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
परियोजना के तहत केवल ट्रैक्शन प्रणाली ही नहीं, बल्कि विद्युत आपूर्ति से जुड़े सभी प्रमुख ढांचों का भी आधुनिकीकरण किया जाएगा। इससे बढ़ते विद्युत भार का बेहतर प्रबंधन संभव होगा और रेल सेवाओं की विश्वसनीयता में सुधार आएगा। रेल मंत्रालय ने बताया कि परभणी–मुदखेड़ रेलखंड हाईली यूटिलाइज्ड नेटवर्क (एचयूएन) रूट-9 का अहम हिस्सा है। यह मार्ग अजमेर, इंदौर, खंडवा, अकोला, पूर्णा, मुदखेड़, सिकंदराबाद, महबूबनगर और धोन जैसे महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ता है। इस कारण यह रेलखंड यात्री परिवहन के साथ-साथ माल ढुलाई के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। Indian Railways
उन्नत ट्रैक्शन प्रणाली लागू होने के बाद इस मार्ग पर विद्युत आपूर्ति अधिक स्थिर और प्रभावी होगी। इससे लंबी दूरी की मालगाड़ियों का संचालन बेहतर ढंग से किया जा सकेगा तथा वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक और तेज गति वाली ट्रेनों के संचालन को भी अतिरिक्त तकनीकी सहायता मिलेगी। रेल मंत्रालय का मानना है कि यह परियोजना वर्ष 2029-30 तक 3,000 मिलियन टन माल ढुलाई के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही यह देश के व्यस्त रेल मार्गों पर क्षमता विस्तार और परिचालन दक्षता बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
इससे पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में जानकारी दी थी कि भारत विश्व के सबसे बड़े विद्युतीकृत ब्रॉड गेज रेल नेटवर्क वाले देशों में अग्रणी बन चुका है। वर्तमान में देश के 99.6 प्रतिशत ब्रॉड गेज रेल मार्ग का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है, जो वैश्विक स्तर पर भारत की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया था कि रेलवे विद्युतीकरण की गति के मामले में भारत ने चीन, स्पेन, जापान, फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम जैसे कई देशों को पीछे छोड़ दिया है। वर्ष 2014 से 2026 के बीच भारतीय रेलवे ने 48 हजार किलोमीटर से अधिक रेल मार्गों का विद्युतीकरण कर विश्व के सबसे तेज रेल विद्युतीकरण अभियानों में अपनी पहचान स्थापित की है। Indian Railways