पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, 10 लाख नए राशन कार्ड बनेंगे

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की घोषणा 

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चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। Punjab Ration Card: पंजाब में पहले से चल रहे राशन कार्डों में अब 10 लाख और नए कार्ड बनाए जाएंगे। इसके लिए प्रक्रिया कल से शुरू कर दी जाएगी। जिन परिवारों के किसी सदस्य का नाम राशन कार्ड में शामिल नहीं है, वे भी अपना नाम दर्ज करवा सकेंगे, जबकि जिनके पास अभी तक राशन कार्ड नहीं है, वे नया कार्ड बनवा सकेंगे। इस योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूँ उपलब्ध करवाया जाएगा। यह घोषणा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि ‘मेरी रसोई’ योजना अलग तौर पर जारी रहेगी, जिसके तहत लाभार्थियों को सरसों का तेल, हल्दी और नमक उपलब्ध करवाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि राज्य के 40 लाख परिवारों में से 32 लाख परिवार पहले ही ‘मेरी रसोई’ योजना के दायरे में आ चुके हैं, जबकि बाकी 8 लाख परिवारों को भी इसी माह तक कवर कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोग एक वैबसाइट के माध्यम से खुद भी रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे और इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की सिफारिश नहीं चलेगी। नए 10 लाख लाभार्थियों में से 7 लाख के राशन कार्ड तैयार किए जा रहे हैं, जबकि ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत 3 लाख मजदूरों के भी कार्ड बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत यह प्रक्रिया की जा रही है।

किसानों से बातचीत क्यों नहीं कर लेती भाजपा सरकारें: सीएम मान 

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि वह भाजपा की केन्द्र और हरियाणा सरकार से अपील करना चाहते हैं कि किसानों को रोका न जाए और उन्हें दिल्ली तक जाने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि किसान दिल्ली जाकर केवल अपना हक माँगना चाहते हैं और संविधान भी उन्हें अपना अधिकार मांगने की इजाजत देता है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को सड़कों पर पुलिस द्वारा मारपीट का सामना करना पड़ रहा है। सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी बात रखने से कौन रोक रहा है और उन्हें क्यों रोका जा रहा है? मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के हजारों युवा अपना भविष्य बनाने के लिए 15-16 घंटे मेहनत करते हैं।

वे इस उम्मीद से पढ़ाई करते हैं कि किताबों के दम पर अपने परिवार की किस्मत बदलेंगे, लेकिन जब उन्हें पता चलता है कि परीक्षा का पेपर लीक हो गया है तो उनका सिस्टम से भरोसा उठ जाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017, 2019, 2022 और 2024 में भी पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं। इसके कारण मेहनती विद्यार्थियों में यह भावना पैदा होती है कि पैसे वाले लोग पेपर खरीदकर आगे निकल जाते हैं और मेहनत करने वाले पीछे रह जाते हैं।

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