शिक्षा और रोजगार
ट्रेड डील के विरोध में दिल्ली जा रहे किसानों को बसताड़ा टोल पर रोका
किसान घाट महापंचायत में शामिल होने निकले थे किसान, आधा घंटा हाइवे जाम, पैदल दिल्ली कूच करने लगे, घरौंडा रेस्ट हाउस पर रोके गए
घरौंडा (सच कहूँ न्यूज़)। Gharaunda News: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में दिल्ली के किसान घाट पर होने वाली महापंचायत में शामिल होने जा रहे किसानों को करनाल के बसताड़ा टोल प्लाजा पर पुलिस और सीआरपीएफ ने रोक लिया। इस दौरान मौके पर जाम की स्थिति बन गई और किसान व सुरक्षाबल आमने-सामने आ गए। करीब आधे घंटे तक नेशनल हाइवे जाम रहा, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। किसानों को रोकने के बाद पुलिस और सीआरपीएफ ने उन्हें समझाने की कोशिश की। काफी देर तक चली गहमागहमी के बाद किसान नहीं माने और पैदल ही दिल्ली की ओर कूच करने लगे।
इसके बाद पुलिस भी किसानों के साथ-साथ चलती रही। जाम खुलने के बाद वाहन चालकों ने राहत की सांस ली। किसान मनजीत सिंह, कर्मसिंह, रीटा चहल व अन्य किसानों ने कहा कि 21 जुलाई को किसान संगठनों की ओर से दिल्ली के किसान घाट पर पहुंचने की कॉल दी गई थी, जिसके तहत वे दिल्ली जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बसताड़ा टोल पर उनकी गाड़ियों को रोक दिया गया, लेकिन वे किसी भी हाल में दिल्ली जरूर पहुंचेंगे। किसानों का कहना है कि हरियाणा के किसानों को जो निर्देश दिए गए थे, वे उसी के तहत आगे बढ़ रहे हैं। किसानों ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध करते हुए कहा कि इससे देश के किसानों को बड़ा नुकसान होगा। इसी मुद्दे को लेकर किसान संगठनों ने दिल्ली में एकजुट होने का फैसला लिया है।
घरौंडा रेस्ट हाउस पर रोका गया
पैदल कूच करते हुए किसान घरौंडा रेस्ट हाउस तक पहुंच गए, जहां पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि दिल्ली के किसान घाट पर चल रहा धरना पहले ही समाप्त करवा दिया गया था। ऐसे में किसानों ने आगे बढ़ने का फैसला नहीं लिया और वहीं रुक गए। घरौंडा थाना प्रभारी दीपक कुमार का कहना है कि रेस्ट हाउस से ही किसान वापिस लौट गए थे। स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
