करनाल में भावुक कर देने वाला मिलन, डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने 10 महीने बाद मिलाए दो भाई
संगरिया के सेवादारों ने निभाया फर्ज, 10 माह बाद धर्मेंद्र को मिला अपना परिवार
करनाल (सच कहूँ न्यूज़)। Karnal News: पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के सेवादारों ने दस माह से बिछुड़े व्यक्ति को उसके भाई से मिलाया। एमएसजी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केंद्र ब्रांच संगरिया की शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादार लाल चंद, महेश गोयल, विजय चुघ नविन्द्र सेठी अपनी गाड़ी से बिहार निवासी धर्मेंद्र को लेकर करनाल स्तिथ एमएसजी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केंद्र पहुँचे व उसके भाई कौशल साहनी को करनाल के सेवदारों की उपस्थिति में सौंप दिया। भाई से मिलकर दोनों भाई बड़े खुश हुये और उन्होंने पूज्य गुरू जी व सेवादारों का कोटि कोटि धन्यवाद किया।
संगरिया निवासी शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादार लाल चंद इन्सां ने बताया कि वह पूज्य गुरु संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा से उनके द्वारा चलाये जा रहे मानवता भलाई कार्य जैसे खूनदान करना, जीते जी गुदार्दान, मरणोंप्रान्त शरीर व आँखे दान, पौधरोपण करना, मंदबुद्धि व्यक्तियों की संभाल करना आदि 178 कार्य चलाये जा रहे है उन्ही मेसे 89वां कार्य मंदबुद्धि व बेसहारा लोगों की संभाल करना के अंतर्गत संगरिया ब्लाक के सेवादार 250 से ज्यादा मंदबुद्धि लोगों का इलाज कराकर उनके परिजनों को सौंप चुके है
लाल चंद ने बताया की दस महीने पहले धर्मेंद्र साहनी पुत्र बाबू लाल साहनी निवासी मंसूरपुर आलिया जिला विशाली बिहार। रेलवे स्टेशन पर दयनीय हालात में मिला था। हम ऐसे अपने साथ एमएसजी मानवता भलाई केंद्र डेरा सच्चा सौदा संगरिया ले आये वहाँ पर इसकी सार संभाल की गई बाल कटवाकर नहलाया और साफ कपड़े पहनाये गए। पहले कुछ दिनों तक इसने कुछ नहीं बताया फिर धीरे धीरे वह बोलने लगा। डेरे का प्रसाद व लंगर खाने के बाद इसकी हालात काफी सुधर गई। शोसल मिडिया पर फोटो वायरल की गई जो इनके किसी रिस्तेदार ने देखकर इसे पहचान लिया।
और इसके भाई को सुचना दी जो करनाल में रहकर एक गता फैक्ट्री में काम करता था। भाई ने लहै कि उसको छुट्टी नहीं मिल रही वो इतनी दूर जाने में असमर्थ है इस पर सेवादार स्वयं अपने खर्चे पर करनाल लेकर आए और करनाल के सेवादार नरेश इंसां, महेंद्र इन्सांं, सुखविंद्र इन्सां, मोनू इन्सां, ऋषिपाल राणा, प्रभु दयाल, साधु राम, सुरेन्द्र फुसगड़, नवीन कुमार, कर्म सिंह की उपस्थिति में उसके भाई कौशल को सौंप दिया। इस महान कार्य के लिए सेवदारों की चहूँ और प्रसंशा हों रही है करनाल के सेवादारों ने संगरिया के सेवादारों का धन्यवाद किया।