15 हजार रुपये की रिश्वत लेते एसडीसी गिरफ्तार, ठेकेदार के 15 लाख के बिल थे लंबित

तीन प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने कार्यालय में बिछाया जाल,सेवादार के पास मिली रकम

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जींद, सच कहूँ न्यूज़। Jind News: जनस्वास्थ्य विभाग में लंबित बिलों को पास करने के बदले रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने वीरवार को कार्रवाई करते हुए विभाग के सीनियर डिविजन क्लर्क धर्मबीर गोयत को 15 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि रामगढ़ निवासी ठेकेदार प्रदीप कुमार के करीब 15 लाख रुपये के लंबित बिल पास करने की एवज में उससे तीन प्रतिशत कमीशन मांगा गया था। खास बात यह रही कि आरोपी ने ठेकेदार से रकम लेकर अपने पास काम करने वाले एचकेआरएन के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मंजीत को दे दी। एसीबी ने रिश्वत की पूरी रकम कर्मचारी के पास से बरामद कर ली।

दो साल से लंबित थे 15 लाख के बिल

ठेकेदार प्रदीप कुमार ने एसीबी को दी शिकायत में बताया कि उसके जनस्वास्थ्य विभाग में पिछले करीब दो साल से 15 लाख रुपये के बिल लंबित हैं। इनमें डिविजन नंबर-1 के करीब 9 लाख और डिविजन नंबर-2 के 6 लाख रुपये के बिल शामिल हैं। ठेकेदार के अनुसार, इन बिलों को पास करने के बदले एसडीसी धर्मबीर गोयत ने तीन प्रतिशत कमीशन के हिसाब से 15 हजार रुपये की मांग की थी। इसके बाद उसने मामले की शिकायत एसीबी को दी।

500 के 30 नोटों के साथ बिछाया जाल

शिकायत के आधार पर एसीबी ने कार्रवाई की योजना बनाई। वीरवार दोपहर बाद ठेकेदार 500-500 रुपये के 30 नोट यानी कुल 15 हजार रुपये लेकर विभागीय कार्यालय पहुंचा और आरोपी को रकम दे दी। इसके बाद एसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को काबू कर लिया। बताया गया है कि आरोपी ने रकम अपने पास रखने के बजाय एचकेआरएन कर्मचारी मंजीत को दे दी थी। टीम ने कर्मचारी के पास से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली।

कर्मचारी को बनाया सरकारी गवाह

पूछताछ में मंजीत ने बताया कि एसडीसी ने उसे पैसे रखने के लिए दिए थे और उसे यह जानकारी नहीं थी कि रकम किस काम के लिए ली गई है। इसके बाद एसीबी ने उसे सरकारी गवाह बना लिया। एसीबी इंचार्ज इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है। आरोपी धर्मबीर गोयत के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

1996 में क्लर्क के पद पर हुआ था भर्ती

धर्मबीर गोयत मूल रूप से करनाल जिले के टापू गांव का रहने वाला है। वह वर्तमान में जींद के जनस्वास्थ्य विभाग की डिविजन नंबर-1 में सीनियर डिविजन क्लर्क के पद पर तैनात था। उसकी भर्ती फरवरी 1996 में क्लर्क के पद पर हुई थी। जींद से पहले वह करनाल और पानीपत में भी सेवाएं दे चुका है। आरोपी को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा।

 

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