भम्मे कलां के दलजीत सिंह का पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार

पंजाब सरकार ने परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और पत्नी को डीसी कार्यालय में नौकरी देने का किया ऐलान

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सरदूलगढ़, सच कहूँ/गुरजीत शींह। Sardulgarh News: विधानसभा हलका सरदूलगढ़ के गांव भम्मे कलां में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का शिकार हुए दलजीत सिंह का वीरवार दोपहर बाद ग्रामीणों और प्रशासन की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर पंजाब सरकार की ओर से विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने और मृतक की पत्नी को डीसी कार्यालय में नौकरी देने का ऐलान किया।

अदालती आदेशों का पालन करते हुए आज गांव भम्मे कलां में ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं नायब तहसीलदार सरदूलगढ़ करमजीत सिंह की मौजूदगी में दलजीत सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने गांव के विभिन्न रास्तों पर नाकाबंदी की हुई थी और बाहर से आने वाले किसी भी व्यक्ति को गांव में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। अंतिम संस्कार के समय मौजूदा और पूर्व पंचायत सदस्यों सहित ग्रामीण और परिवार के सदस्य मौजूद थे। इस मौके पर डीएसपी सरदूलगढ़ हरविन्द्र सिंह सरां, थाना झुनीर के प्रभारी गुनेश्वर कुमार सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे।

मिली जानकारी के अनुसार, 27 अक्तूबर को गांव भम्मे कलां के पशुओं के निजी डॉक्टर जरनैल सिंह के इकलौते बेटे दलजीत सिंह का शव भम्मे कलां से रामानंदी लिंक सड़क पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। शुरूआत में परिवार और ग्रामीणों ने उसकी मौत का कारण नशे की ओवरडोज होने की आशंका जताई थी, जबकि पुलिस की ओर से किसी व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा उसकी हत्या किए जाने की बात सामने आने की पुष्टि की गई थी। इसके विरोध में ग्रामीणों ने सरसा-मानसा मुख्य मार्ग जाम कर धरना लगाया था। 

मृतक की पत्नी परमजीत कौर ने पुलिस प्रशासन के सामने मांग रखी थी कि जब तक उसके पति के हत्यारों को सामने नहीं लाया जाता, तब तक परिवार अंतिम संस्कार नहीं करेगा। धरने की सूचना मिलने पर मानसा में परविन्द्र सिंह झोटा के परिवार को इन्साफ दिलाने के लिए चल रहे धरने में से बड़ी संख्या में लोगों ने दलजीत सिंह का शव मानसा धरने में ले जाने का प्रयास किया था। इस दौरान पुलिस ने रमदित्तेवाला चौक से शव को अपने कब्जे में लेकर एम्स अस्पताल में मृतक के पिता जरनैल सिंह की सहमति से पोस्टमार्टम करवाया था। इन्साफ न मिलने और पुलिस द्वारा शव को अपने कब्जे में लेने के विरोध में मृतक की बहन अमरजीत कौर ने माननीय हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

अदालत में सुनवाई के बाद दलजीत सिंह का पोस्टमार्टम पीजीआई से करवाने के आदेश जारी किए गए। इसके बाद मृतक की पत्नी और बहन ने उसका अंतिम संस्कार गांव भम्मे कलां में करवाने की अपील की। अदालत ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि अंतिम संस्कार ग्रामीणों, परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों की मौजूदगी में ही करवाया जाए तथा इस दौरान किसी भी राजनीतिक नेता या संगठन का कोई प्रतिनिधि मौजूद न हो। इसके बाद पंजाब सरकार की ओर से विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने और मृतक की पत्नी को डीसी कार्यालय में नौकरी देने का ऐलान किया। 

 

 

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