SIR Campaign: भारत निर्वाचन आयोग ने की एसआईआर का बड़ा अभियान शुरू करने की घोषणा
तीसरे चरण में 16 राज्यों व 3 केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची संशोधन
SIR Campaign: नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर फेज-3) अभियान शुरू करने की घोषणा की है। यह कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में संचालित किया जाएगा। इस पहल का मकसद मतदाता सूची से गलत और अपात्र नाम हटाना, नए योग्य मतदाताओं को शामिल करना तथा रिकॉर्ड में मौजूद त्रुटियों को सुधारना है, ताकि आगामी चुनावों के लिए पूरी तरह प्रमाणिक मतदाता सूची तैयार की जा सके। Election Commission News
इस विशेष अभियान के तहत ब्लॉक स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। इसके अलावा मतदान केंद्रों का पुनर्गठन, प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन, दावे और आपत्तियों की सुनवाई तथा अंतिम सूची जारी करने जैसी प्रक्रियाएं भी निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाएंगी।
निर्वाचन आयोग का मानना है कि इस प्रक्रिया से मतदाता सूची की विश्वसनीयता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। नागालैंड और त्रिपुरा में इस अभियान के लिए 1 अक्टूबर 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है। नागालैंड में तैयारी, प्रशिक्षण और प्रिंटिंग कार्य अगस्त 2026 के पहले पखवाड़े में पूरा किया जाएगा। इसके बाद बीएलओ द्वारा घर-घर सर्वेक्षण, मतदान केंद्रों का युक्तिकरण, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन, दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया और अंत में नवंबर 2026 में अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। Election Commission News
त्रिपुरा में यह कार्यक्रम सितंबर 2026 से शुरू होगा। यहां भी प्रशिक्षण, घर-घर सत्यापन, ड्राफ्ट सूची का प्रकाशन और आपत्तियों की सुनवाई के बाद दिसंबर 2026 में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके अलावा ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ समेत कई राज्यों में यह प्रक्रिया जुलाई 2026 से शुरू होगी।
वहीं तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली जैसे राज्यों में यह अभियान अक्टूबर 2026 की अर्हता तिथि के अनुसार संचालित किया जाएगा। निर्वाचन आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यह पूरा अभियान समयबद्ध, निष्पक्ष और पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया जाए। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की मजबूती का आधार है और इस विशेष पुनरीक्षण अभियान से चुनावी प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। Election Commission News