12th Pass Career: 12वीं के बाद बच्चे क्यों हो रहे हैं कन्फ्यूज और स्ट्रेस्ड?
कौन-सी स्ट्रीम लें, किस फील्ड में जाएं और कैरियर कैसे चुनें?
पानीपत (सच कहूँ/सन्नी कथूरिया)। जैसे ही 12वीं का रिजल्ट आता है, वैसे ही लाखों बच्चों और उनके पैरेंट्स के सामने सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो जाता है — ‘अब आगे क्या करें?’
साइंस लें या कॉमर्स? आर्ट्स में स्कोप है या नहीं? सरकारी नौकरी की तैयारी करें या प्रोफेशनल कोर्स? यही सवाल आज के युवाओं को सबसे ज्यादा कन्फ्यूजन और स्ट्रेस दे रहे हैं।
पहले समय में कैरियर आॅप्शन्स बहुत लिमिटेड हुआ करते थे। डॉक्टर, इंजीनियर, अध्यापक या सरकारी नौकरी को ही सबसे बेहतर माना जाता था। लेकिन आज समय बदल चुका है। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल मार्केटिंग, फैशन डिजाइनिंग, एनीमेशन, डाटा साइंस, होटल मैनेजमेंट, इवेंट मैनेजमेंट जैसे कई नए क्षेत्र बच्चों के सामने मौजूद हैं। समस्या यह नहीं है कि अवसर कम हैं, बल्कि समस्या यह है कि आॅप्शन्स इतने ज्यादा हो गए हैं कि बच्चे सही दिशा चुनने में उलझ जाते हैं।
आज हर क्षेत्र में कॉम्पिटिशन बहुत बढ़ चुका है। अच्छे कॉलेजों में एडमिशन और अच्छी जॉब पाने की दौड़ बच्चों पर मानसिक दबाव बढ़ा रही है। कई बच्चों को सही गाइडेंस नहीं मिल पाती, वहीं कई बार पैरेंट्स की एक्सपेक्टेशन्स भी बच्चों को तनाव में डाल देती हैं। सोशल मीडिया पर दूसरों की सक्सेस देखकर बच्चे स्वयं को कमजोर समझने लगते हैं। जरूरी यह नहीं कि हर बच्चा डॉक्टर या इंजीनियर ही बने। जरूरी यह है कि बच्चा अपनी रुचि, क्षमता और पैशन के अनुसार क्षेत्र चुने।
आज हर फील्ड में मेहनती और स्किल्ड युवाओं के लिए अच्छे अवसर मौजूद हैं। एक अच्छा डिजाइनर, डिजिटल क्रिएटर, एंटरप्रेन्योर या आर्टिस्ट भी उतना ही सफल हो सकता है जितना कोई अन्य प्रोफेशनल। पैरेंट्स और स्कूल्स को चाहिए कि वे बच्चों पर अनावश्यक प्रेशर डालने की बजाय उन्हें सही गाइडेंस, मोटिवेशन और आत्मविश्वास दें। रेगुलर कैरियर काउंसलिंग, स्किल एजुकेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट आज समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुके हैं।
प्रिय विद्यार्थियों, 12वीं जीवन का अंत नहीं बल्कि एक नई शुरूआत है। यदि आज आप कन्फ्यूज हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। अपनी रुचि पहचानिए, सही सलाह लीजिए और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़िए।
याद रखिए —
‘सफलता उसी को मिलती है जो स्वयं पर विश्वास रखता है।’
-डॉ अनु कालड़ा, शिक्षाविद एवं समाजसेवी.
