कुरुक्षेत्र की कांता इन्सां ने पेश की मानवता के लिए 'सर्वोच्च मिसाल'

युगों-युगों तक याद रखा जाएगा कांता इन्सां का ये बेमिसाल कार्य

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कुरुक्षेत्र (सच कहूँ/देवीलाल बारना)। ...कहते हैं कि इंसान खाली हाथ आता है और खाली हाथ जाता है, लेकिन धर्मनगरी कुरुक्षेत्र की एक माँ ने इस कहावत को अपनी संकल्प शक्ति से बदल दिया है। कुरुक्षेत्र के कंग कॉलोनी की निवासी और डेरा सच्चा सौदा की निष्ठावान सेवादार कांता इन्सां ने दुनिया से जाते-जाते कुछ ऐसा कर दिखाया, जो युगों-युगों तक मिसाल के तौर पर याद रखा जाएगा। Kurukshetra News

69 वर्षीय कांता इन्सां के देहांत के बाद उनके परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार उनके पार्थिव शरीर को मेडिकल शोध के लिए दान किया है। उनके शरीर पर लखनऊ के प्रसाद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साईंस सराय सहजादी बंथरा के विद्यार्थी शोध करेंगे। बता दें कि कांता इन्सां का गत देर रात्रि आदेश मेडिकल अस्पताल में ईलाज दौरान देहांत हो गया था। उन्होने जीते जी डेरा सच्चा सौदा में शरीरदान का फार्म भरा हुआ था। उनकी इच्छा को पूरा करते हुए परिवार ने उनका शरीरदान किया है।

''यह शरीर नश्वर है, जलने के बाद यह केवल राख बनेगा'' | Kurukshetra News

कांता के पति व वेयरहाऊस से सेवानिवृत्त मैनेजर सतपाल इन्सां ने बताया कि वे लंबे समय से डेरा सच्चा सौदा की समाज सेवा की गतिविधियों से जुड़ी हुई थीं। वे अकसर कहती थीं कि यह शरीर नश्वर है, जलने के बाद यह केवल राख बनेगा, लेकिन यदि यह डॉक्टरों की पढ़ाई और शोध के काम आ सके, तो इससे बड़ी सेवा और कुछ नहीं हो सकती। अंतिम समय में भी उन्होंने परिवार के सामने यह इच्छा रखी। उनकी इच्छा को परिवार ने पूरा किया है।

कांता इन्सां की अंतिम यात्रा के समय एंबुलेंस को फूलों से सजाया गया था। जैसे ही उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई तो स्थानीय लोगों ने उन पर फूलों की वर्षा कर उन्हे सैल्यूट किया। कांता इन्सां की अर्थी को बेटी कुसुम, पुत्रवधू ऊषा, संजीव कौर व बाला देवी ने कंधा दिया। इसके बाद पूरे सम्मान के साथ नारों के बीच उन्हें मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया गया।  कांता इन्सां अपने पीछे परिवार में पति सतपाल इन्सां, बेटे वेदप्रकाश, सतीश व विकास बेटी कुसुम, पुत्रवधू ऊषा, संजीव कौर व बाला देवी, पौत्र-पौत्री चंद्रशेखर, आकाश, हर्ष, सागर, शिवानी, प्रियंका, मुस्कान व महक व परपौत्र सान इन्सां को छोड़ गई हैं।

माँ पर गर्व: वेदप्रकाश

कांता इन्सां के पुत्र वेदप्रकाश इन्सां ने कहा कि उनकी माता के स्वर्ग सिधारने का उन्हें दुख है, वे बहुत हंसमुख थीं, लेकिन उसकी मां के शरीर का दान मेडिकल शोध के लिए हुआ है, इसके लिए उसे व पूरे परिवार को गर्व है। वहीं कांता के पति सतपाल इन्सां ने कहा कि वे सेवा कार्यों में लगातार जुटी रहती थीं। जब भी मौका मिलता वे सेवा कार्य करती थीं। अब पिछले कुछ दिनों से बीमार होने के चलते आदेश अस्पताल में दाखिल थीं।

शरीरदान है महादान: सच्चे नम्र सेवादार | Kurukshetra News

डेरा सच्चा सौदा के सच्चे नम्र सेवादार प्रवीण कडामी, कृष्ण इन्सां व सलिंद्र पाल ने बताया कि डेरा सच्चा सौदा की शरीरदान मुहिम के तहत जिन मेडिकल कॉलजों में शरीर की जरूरत होती है, वहां मरणोपरांत शरीर मुहैया करवाए जाते हैं ताकि मेडिकल रिसर्च में काम आ सकें। डेरा सच्चा सौदा के आह्वान पर लाखों श्रद्धालुओं ने मरणोपरांत शरीरदान का फार्म भरा हुआ है। कुरुक्षेत्र के प्रेमी सेवक दिनेश इन्सां ने कहा कि शरीरदान महादान है ओर डेरा सच्चा सौदा के सेवादार इस कार्य को पूरा कर रहे हैं।

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