सेंट एमएसजी ग्लोरियस इंटरनैशनल स्कूल की छात्रा ने मात्र 38 सेकंड में रच दिया ये इतिहास

Published On

भारतीय संविधान की प्रस्तावना फ्रेंच में सुना इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स में बनाई जगह

सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। सरसा की होनहार छात्रा तजाईना बजाज ने कम उम्र में अपनी असाधारण उपलब्धियों से पूरे शहर और देश का नाम फिर रोशन किया है। मात्र 14 वर्ष की आयु में सेंट एमएसजी ग्लोरियस इंटरनैशनल स्कूल की छात्रा तजाईना ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना को महज 38 सेकंड में फ्रेंच भाषा में सुनाकर इंडिया बुक आॅफ रिकॉर्ड्स में स्थान बनाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। उल्लेखनीय है कि तजाईना बजाज सरसा के प्रमुख व्यवसायी गंगाराम बजाज की सुपौत्री तथा अधिवक्ता विक्रांत बजाज की सुपुत्री हैं। Sirsa News

तजाईना बजाज कम उम्र में बना चुकी हैं कई रिकॉर्ड

इससे पूर्व भी तजाईना बजाज ने 12 वर्ष की आयु में 52 सेकंड में भारतीय दंड संहिता की अधिकतम धाराओं का वाचन कर एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया था। इसी आयु के दौरान ही तजाईना को विधि क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए मैजिक बुक आॅफ रिकॉर्ड्स नामक संस्था द्वारा उन्हें मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया था।  इसके बाद 13 वर्ष की आयु में तजाईना ने कानूनी धाराओं की व्याख्या पर आधारित डिकॉडिंग द लॉज नामक पुस्तक लिखी, जिसका विमोचन सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश राजेश बिंदल द्वारा नई दिल्ली में किया गया था।

न्यायाधीश राजेश बिंदल की उस समय तजाईना को लेकर यह टिप्पणी थी कि इतनी कम उम्र में विधि विषय पर पुस्तक लेखन उनके गहन ज्ञान और समर्पण को दर्शाता है। फिलहाल तजाईना बजाज द्वारा फ्रेंच भाषा में भारतीय संविधान की प्रस्तावना को महज 38 सेकंड में सुनाकर इंडिया बुक आॅफ रिकॉर्ड्स में जगह बनाने की उपलब्धि हासिल करने पर शहर के विभिन्न गणमान्यजनों व संस्था प्रतिनिधियों द्वारा तजाईना बजाज के साथ-साथ पूरे बजाज परिवार को भी शुभकामनाएं दी हैं। Sirsa News

About The Author

Related Posts