Body Donation: ब्लॉक माधोसिंघाना की शरीरदानी जमना बाई को नम आंखों से दी अंतिम विदाई
अंतिम यात्रा में गूंजे शरीरदानी जमना बाई अमर रहे के नारे
सरसा, (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। ब्लॉक माधोसिंघाना के गांव कुत्ताबढ़ (प्यार नगर) निवासी 78 वर्षीय जमना बाई के निधन के बाद उनके परिजनों ने अनुकरणीय पहल करते हुए उनकी पार्थिव देह मेडिकल शोध कार्यों के लिए दान कर दी। परिजनों ने डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की देहदान की शिक्षा से प्रेरित होकर अमर सेवा मुहिम के तहत यह देहदान किया। जमना बाई की देह उत्तराखंड के देहरादून स्थित श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज एवं श्री महंत इंद्रेश हॉस्पिटल, पटेल नगर में मेडिकल शोध कार्यों के लिए दान की गई। Sirsa News
डेरा सच्चा सौदा की प्रेरणा से अब तक गांव से आठ लोग देहदान कर चुके हैं। जमना बाई गांव की नौवीं देहदानी बनीं। उनके परिजनों की इस पहल ने समाज के सामने मानवता एवं सामाजिक सरोकार से जुड़ी सेवा का अनुकरणीय उदाहरण पेश किया। इस दौरान माधोसिंघाना ब्लॉक सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में साध-संगत, परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचे। इससे पहले जमना बाई के आवास पर साध-संगत ने अरदास का शब्द बोलकर दिवंगत देह को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद फूलों से सजी एंबुलेंस में देह को रखा गया और आवास से गांव के ऐलनाबाद-सरसा मार्ग तक अंतिम विदाई यात्रा निकाली गई।
अंतिम विदाई यात्रा के दौरान शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादारों, साध-संगत, परिजनों और ग्रामीणों ने जब तक सूरज चांद रहेगा, जमना बाई तेरा नाम रहेगा तथा शरीरदानी जमना बाई अमर रहे जैसे नारे लगाकर आसमान गुंजायमान कर दिया। इस अवसर पर सच्चे नम्र सेवादार करनैल इन्सां, प्यारे लाल इन्सां सहित ब्लॉक माधोसिंघाना व गांव प्यार नगर की सच्ची प्रेमी समिति के सेवादार भाई-बहन व साध-संगत मौजूद रही। Sirsa News
बेटा-बेटी एक समान की शिक्षा का दिखा दिया संदेश
सचखंडवासी देहदानी जमना बाई की अंतिम विदाई के दौरान डेरा सच्चा सौदा की बेटा-बेटी एक समान की शिक्षा का साक्षात उदाहरण देखने को मिला। अंतिम यात्रा में उनकी पुत्रवधू कृष्णा रानी, पुत्री क्लास रानी, पौती कंचन इन्सां, पौत्रवधू नितु, पुत्र आशा इन्सां, भतीजा सच्चे नम्र सेवादार प्यारे लाल इन्सां, स्वरूप सामा इन्सां तथा पौत्र लवली इन्सां और जश्न इन्सां ने अर्थी को कंधा देकर समाज को बेटियों और बहुओं को समान अधिकार एवं सम्मान देने का सशक्त संदेश दिया। परिजनों की इस पहल की उपस्थित साध-संगत और ग्रामीणों ने सराहना की।
देहदान से समाज को दिया प्रेरक संदेश
गांव के सरपंच बेअंत सिंह ने कहा कि जमना बाई के परिजनों द्वारा देहदान का निर्णय समाज के लिए प्रेरणादायी पहल है। देहदान से मेडिकल शिक्षा एवं शोध को बढ़ावा मिलता है और भावी चिकित्सकों को मानव शरीर की संरचना का व्यावहारिक अध्ययन करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि जमना बाई के परिवार ने सामाजिक सरोकार से जुड़ी सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो अन्य लोगों को भी देहदान के लिए प्रेरित करेगा। Sirsa News