प्रकृति सेवा को समर्पित रहा पावन अवतार दिवस, छत्तीसगढ़ में साध-संगत ने लगाए सैकड़ों पौधे

हरियाली से सजा पावन अवतार दिवस, बैकुंठपुर से बिलासपुर तक साध-संगत ने लगाए पौधे

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Chhattisgarh Tree Plantation Campaign: प्रकृति सेवा को समर्पित रहा पावन अवतार दिवस, छत्तीसगढ़ में साध-संगत ने लगाए सैकड़ों पौधे

छत्तीसगढ़। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के पावन अवतार दिवस के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में साध-संगत ने पौधारोपण अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। बैकुंठपुर, केल्हारी, बिजुरी, रायगढ़, बिनकरा और हरदी बिलासपुर में साध-संगत ने उत्साह के साथ पौधे लगाए और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर साध-संगत ने कहा कि पेड़-पौधे प्रकृति की अनमोल धरोहर हैं। बढ़ते प्रदूषण और बदलते पर्यावरण को देखते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाना और उनका संरक्षण करना आज समय की जरूरत है। पौधारोपण से जहां वातावरण स्वच्छ एवं हराभरा बनता है, वहीं आने वाली पीढ़ियों को भी बेहतर और स्वस्थ पर्यावरण मिल सकता है।

सेवा कार्य के साथ मनाया पावन दिवस

पावन अवतार दिवस के अवसर पर साध-संगत ने सेवा कार्य को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण किया। इस दौरान लोगों ने फलदार, छायादार और पर्यावरण के लिए उपयोगी पौधे लगाए। पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल की जिम्मेदारी भी ली गई।

साध-संगत का कहना था कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें पेड़ बनने तक संरक्षित करना भी उतना ही जरूरी है। इसी भावना के साथ सभी ने लगाए गए पौधों की देखभाल करने का संकल्प लिया।

हरियाली बढ़ाने का दिया संदेश

बैकुंठपुर से लेकर बिलासपुर और रायगढ़ तक आयोजित इस अभियान में साध-संगत ने समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया। पौधारोपण के माध्यम से लोगों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने, प्रकृति की रक्षा करने और अपने आसपास हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया गया। पावन अवतार दिवस पर आयोजित यह पौधारोपण अभियान सेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का सुंदर उदाहरण बना। साध-संगत ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी इसी तरह समाजहित और प्रकृति संरक्षण से जुड़े कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाई जाएगी।

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