Haryana News: हरियाणा में HERC के नए चेयरमैन की तलाश शुरू, 3 सितंबर तक कर सकेंगे आवेदन; वेतन ₹2.25 लाख महीना

हरियाणा विद्युत नियामक आयोग को मिलेगा नया अध्यक्ष, 3 सितंबर तक आवेदन आमंत्रित; जानें योग्यता और वेतन

Published On

पंचकूला । हरियाणा सरकार ने राज्य के बिजली क्षेत्र की नियामक संस्था हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) के नए अध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग के अध्यक्ष का महत्वपूर्ण पद 23 जुलाई, 2026 से खाली है। ऊर्जा विभाग ने अध्यक्ष पद के लिए आवेदन आमंत्रित करते हुए इन्हें डाक या ई-मेल के माध्यम से जमा कराने की अंतिम समय सीमा 3 सितंबर, 2026 शाम पांच बजे तय की है। अध्यक्ष को वेतन मैट्रिक्स के शीर्ष स्तर-17 में Rs2.25 लाख प्रतिमाह निश्चित वेतन मिलेगा। हालांकि नियुक्त व्यक्ति यदि पहले से पेंशन प्राप्त कर रहा है तो कम्यूट की गई पेंशन के हिस्से सहित पेंशन की सकल राशि उसके वेतन से काटी जाएगी।

एचईआरसी राज्य में बिजली क्षेत्र की नियामक संस्था है। ऊर्जा विभाग की सूचना के मुताबिक राज्य में बिजली उद्योग के नियमन के लिए हरियाणा विद्युत सुधार अधिनियम, 1997 के तहत वर्ष 1998 में एक अध्यक्ष और दो सदस्यों के साथ आयोग का गठन किया गया था।

अध्यक्ष पद के लिए पात्रता की शर्तें भी स्पष्ट की गई हैं। अध्यक्ष ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जो योग्यता, सत्यनिष्ठा और प्रतिष्ठा रखता हो तथा उसे इंजीनियरिंग, वित्त, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, कानून या प्रबंधन से संबंधित समस्याओं का पर्याप्त ज्ञान और उनसे निपटने की क्षमता हो।

चयनित अध्यक्ष पदभार ग्रहण करने की तारीख से पांच वर्ष तक पद पर रह सकता है, लेकिन 65 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद वह इस पद पर नहीं रह सकेगा। विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 84(3) के प्रावधान के अनुसार अध्यक्ष कोई अन्य पद भी धारण नहीं कर सकेगा।

चयन प्रक्रिया में संभावित हितों के टकराव की पहचान के लिए आवेदकों से विस्तृत जानकारी मांगी गई है। उम्मीदवार को अपने या निर्धारित फर्म, कंपनी, संस्था अथवा रिश्तेदार के माध्यम से बिजली उत्पादन, पारेषण, वितरण या आपूर्ति से जुड़े किसी कारोबार में पद, रोजगार, परामर्श समझौते, व्यवस्था या अन्य संबंध की जानकारी देनी होगी।

बिजली उत्पादन के लिए ईंधन के निर्माण, बिक्री या आपूर्ति से जुड़े कारोबार के साथ संबंध भी बताना होगा। इसी तरह बिजली उत्पादन, पारेषण, वितरण, आपूर्ति या उपयोग से जुड़ी मशीनरी, संयंत्र, उपकरण या अन्य सामान के निर्माण, बिक्री, पट्टे, किराये, आपूर्ति अथवा कारोबार से संबंधित संबंधों का खुलासा भी जरूरी होगा।

ऐसे कारोबारों को पेशेवर सेवाएं देने वाली किसी संस्था के साथ संबंध की जानकारी भी देनी होगी। आवेदक को यह घोषणा भी देनी होगी कि उसका ऐसा कोई वित्तीय या अन्य हित नहीं है, जिससे एचईआरसी अध्यक्ष के रूप में उसके कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका हो। इसके साथ उम्मीदवार को बताना होगा कि उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज हुआ है या नहीं, किसी आपराधिक अपराध में आरोपपत्र दाखिल हुआ है या नहीं और क्या किसी सक्षम अदालत ने उसे किसी आपराधिक अपराध में दोषी ठहराया है। ऐसी कोई स्थिति होने पर उसका विवरण देना होगा।

ऊर्जा विभाग ने उम्मीदवार से एक ऐसा पत्र भी मांगा है जिसमें वह चयन होने की स्थिति में अपने मौजूदा पद से इस्तीफा देकर एचईआरसी अध्यक्ष का पदभार संभालने की इच्छा व्यक्त करे। सरकार या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कार्यरत अधिकारियों को पिछले पांच वर्षों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट के साथ अपने संगठन का सत्यनिष्ठा प्रमाणपत्र देना होगा। सरकार या सार्वजनिक उपक्रमों से सेवानिवृत्त उम्मीदवारों को अपनी सेवा के अंतिम पांच वर्षों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट और उस संगठन का सत्यनिष्ठा प्रमाणपत्र देना होगा जहां से वे सेवानिवृत्त हुए हैं।

आवेदकों को अपने संबंधित क्षेत्र के अनुभव का प्रमाणपत्र भी नियोक्ता, पूर्व नियोक्ता या उस संस्था से देना होगा जिससे वे जुड़े हैं या रहे हैं। स्वरोजगार करने वाले उम्मीदवार अपने कार्यक्षेत्र और अनुभव का उल्लेख करते हुए स्व-प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर सकते हैं।

About The Author

Related Posts