क्रेडिट कार्ड के नाम पर ठगी करने वाले 18 जालसाजों को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार

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डाटा चोरी से लेकर क्रिप्टो करेंसी में बदलने तक के एजेंटों को दिल्ली पुलिस ने दबोचा

  • गुरुग्राम स्थित एसबीआई के कॉल सेंटर से लीक होता था ग्राहकों का गोपनीय डेटा

गुरुग्राम (संजय कुमार मेहरा)। Gurugram News: दिल्ली पुलिस ने एसबीआई बैंक के ग्राहकों का डेटा चोरी करने वाले साइबर जालसाजों के गिरोह का पर्दाफाश किया है। दिल्ली पुलिस ने आज गुरुग्राम स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के कॉल सेंटर टेलीपरफॉरमेंस से मिली भगत कर डेटा चुराने वाले 18 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। कॉल सेंटर में काम करने वाले लोग ग्राहकों का डेटा चुराकर ठगों को देते थे। आरोप है कि इन लोगों ने देश भर में एसबीआई के क्रेडिट कार्ड धारकों से 2.6 करोड़ रुपए की ठगी की है। Gurugram News

जानकारी के अनुसार कॉल सेंटर के कर्मचारी एसबीआई के ग्राहकों को झांसा में लेकर उनसे ओटीपी और सीवीवी नंबर की जानकारी लेते थे। इस जानकारी से आरोपी ऑनलाइन ट्रैवलिंग प्लेटफॉर्म से ई-गिफ्ट कार्ड खरीदते थे। इन्हें ट्रैवलिंग एजेंटों को बेचकर कैश या क्रिप्टो करेंसी हासिल कर लेते थे।

आईएफएसओ के पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार के अनुसार इस गिरोह पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस 6 महीनों तक तफ्तीश की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 52 मोबाइल फोन, सिमकार्ड और कई ग्राहकों का गोपनीय डेटा बरामद किया है। Gurugram News

पुलिस के अनुसार यह गिरोह दिल्ली के काकरोला, उत्तम नगर में सक्रिय था। गिरोह पूरे देश में एसबीआई के क्रेडिट कार्ड होल्डरों को अपना शिकार बना रहा था। खास बात यह है कि गुरुग्राम में एसबीआई के कॉल सेंटर में कार्य करने वाले लोगों से मिली भगत के कारण ही इस गिरोह ने लोगों को करोड़ों की चपत लगाई है।

पुलिस के मुताबिक आरोपी बैंक अधिकारी बनकर ग्राहकों को फोन करते थे और वन टाइम पासवर्ड और कार्ड वेरिफिकेशन करके संवेदनशील जानकारी लेते थे। डीसीपी ने बताया कि चुराए गए विवरणों का इस्तेमाल उच्च-मूल्य वाले ई-गिफ्ट कार्ड खरीदने के लिए किया जाता था। इन्हें कार्ड्स को ट्रैवल एजेंटों को नकद बेचा जाता था। या फिर टेथर में परिवर्तित भी किया जाता था। इससे पैसा वित्तीय प्रणाली से गायब हो जाता था।

डीसीपी के अनुसार पुलिस ने इस नेटवर्क के हर शातिर खिलाड़ी को पकड़ा है। गिरोह के कुल 18 गिरफ्तार हुए हैं जिनमें गिरोह का मास्टर माइंड विशाल भारद्वाज को भी पकड़ा है। पुलिस ने अंकित राठी, वसीम, विशेष लाहौरी उर्फ पाजी और दुर्गेश धाकड़ जोकि गुरुग्राम के कॉल सेंटर में काम करते हुए डेटा लीक करते थे गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए राहुल विश्वकर्मा, पवन बिष्ट, कैलाश पुरीत उर्फ कबीर, हिमांशु चुग उर्फ बाबू, राविन सैनी सहित अन्य लोग ग्राहकों को कॉल करके जानकारी लेते थे। पुलिस ने सिम सप्लायर शिवम सहरवात और फाइनेंस हैंडलर अखिलेश लाखोटिया व हर्ष चौहान को भी गिरफ्तार कर लिया है। Gurugram News

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