सरकार चाहती तो डेरा प्रेमियों की जानें बचाई जा सकती थी: मंत्री विज

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मृतक डेरा प्रेमियों के परिजनों को सरकारी नौकरी और मुआवज़ा मिले

चंडीगढ़ (ब्यूरो)। प्रदेश के खेल एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने एक समाचार पत्र के साथ हुए  इंटरव्यू में अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा है कि 25 अगस्त को पंचकूला व सरसा में हुई हिंसा को टाला जा सकता था और डेरा प्रेमियों की जानें बचाई जा सकती थीं। विज ने कहा कि मामला बहुत संवेदनशील था लेकिन यदि चाहते तो इन जानों को बचाया जा सकता था। विज ने कहा कि मौके पर ऐसे इंतजाम होने चाहिए थे कि हालात बिगड़ने की नौबत ही न बनती, लेकिन अफसोस ऐसा नहीं हुआ। विज ने कहा कि वे आज भी अपने इस ब्यान पर कायम है कि जाट आंदोलन की तर्ज पर पंचकूला हिंसा में मारे गए डेरा प्रेमियों के परिजनों को नौकरी और मुआवज़ा मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि डेरा सच्चा सौदा में खेल इवेंट के लिए उन्हें बुलाया गया था और वे खेल मंत्री होने के नाते वहां गए थे। उन्होंने कहा कि वे सभी धर्मांे और डेरों का सम्मान करते हैं।  बता दें कि मंत्री अनिल विज पूर्व में सरकार चाहती तो डेरा प्रेमियों की जानें बचाई जा सकती थी: मंत्री विजभी पंचकूला में पुलिस व आर्मी की गोलियों से मारे गए डेरा प्रेमियों के परिजनों को मुआवज़े एवं सरकारी नौकरी की मांग कर चुके हैं। विज साफ तौर पर कह चुके हैं कि जिस प्रकार जाट आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरी एवं मुआवजे दिए गए हैं उसकी तर्ज पर डेरा प्रेमियों को भी मुआवजा और सरकारी नौकरी मिले। वहीं भाजपा के विधायक कुलवंत बाजीगर ने भी गत विधानसभा सत्र में डेरा प्रेमियों के हक़ में आवाज़ उठाई थी और उनके लिए न्याय की मांग की थी।

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