शिक्षा और रोजगार
धरनास्थल पर पहुंची जय इन्द्र कौर, प्रदर्शनकारियों का जाना कुशलक्षेम
जय इन्द्र कौर ने पंजाब के राज्यपाल के समक्ष मामला उठाने का दिया भरोसा
पटियाला (सच कहूँ/खुशवीर सिंह तूर)। Patiala News: पंजाब स्टेट पावर कॉपोर्रेशन लिमिटेड (पावरकॉम) के मुख्यालय के बाहर ‘बेरोजगार मृतक आश्रित संघर्ष कमेटी’ की ओर से अपनी जायज मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से लगातार धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। कमेटी के सदस्य आमरण अनशन पर भी बैठे हुए हैं। बुधवार को पंजाब भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष जय इन्द्र कौर अपनी पूरी भाजपा टीम के साथ धरनास्थल पर पहुंचीं और मरणव्रत पर बैठे प्रदर्शनकारियों का हालचाल जाना। इस दौरान संघर्ष कमेटी ने उन्हें मांगों से संबंधित मांगपत्र भी सौंपा। जय इन्द्र कौर ने हर संभव सहायता और सहयोग देने का भरोसा दिया।
उल्लेखनीय है कि बीते दिन ‘सच कहूँ’ ने मृतक आश्रित परिवारों के इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। रिपोर्ट में बताया गया था कि दशहरे के दिन भी ये परिवार अपनी माँगों को लेकर पावरकॉम कार्यालय के बाहर और उसकी छत पर डटे रहे, लेकिन उनकी सुध लेने के लिए न तो पावरकॉम का कोई अधिकारी पहुंचा और न ही सरकार का कोई प्रतिनिधि। इसके बाद बुधवार को भाजपा नेता जय इंदर कौर विशेष रूप से धरनास्थल पर पहुंचीं और मृतक आश्रित परिवारों से मुलाकात की। पत्रकारों से बातचीत करते हुए जय इन्द्र कौर ने प्रदेश सरकार और बिजली बोर्ड के प्रबंधन की कड़ी आलोचना की। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आमरण अनशन पर बैठे दोनों व्यक्तियों की सेहत बेहद गंभीर है।
हैरानी की बात है कि अभी तक न तो प्रशासन, न बिजली बोर्ड और न ही सरकार का कोई प्रतिनिधि इनका हाल जानने पहुंचा है। यहाँ तक कि इन्हें कोई चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध नहीं करवाई जा रही। यदि इस दौरान कोई अनहोनी हो जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? उन्होंने बताया कि कार्यालय की छत पर कई युवा, महिलाएँ और यहाँ तक कि 12 साल की एक बच्ची भी अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने रोष जताया कि प्रदर्शनकारियों तक खाना-पानी नहीं पहुंचने दिया जा रहा और न ही उन्हें चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।
उन्होंने मौके पर ही डॉक्टरों को बुलाकर आमरण अनशन पर बैठे व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच करवाई। जांच के दौरान उनकी हालत बेहद नाजुक पाई गई। भाजपा नेता ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मांग पूरी तरह जायज है। बिजली बोर्ड में सेवा के दौरान उनके परिवार के सदस्यों की मृत्यु होने के बाद उनके बच्चों को नियमानुसार नौकरी दी जानी चाहिए। यह प्रावधान बिजली बोर्ड की नीतियों में पहले से ही मौजूद है। लेकिन सरकार और प्रशासन उन्हें न्याय देने के बजाय तानाशाही रवैया अपना रहे हैं।
अंत में जय इन्द्र कौर ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन और सरकार ने जल्द ही प्रदर्शनकारियों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो वह अपने सभी साथियों के साथ पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात करेंगी। उन्होंने कहा कि संघर्ष कर रहे परिवारों को उनका जायज हक दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।