'अमर' हुई फतेहाबाद की कृष्णा देवी इन्सां, मरणोपरांत भी निभाया इंसानियत का फर्ज

परिजनों ने किया उनकी अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए पार्थिव शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए दान

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फतेहाबाद, (सच कहूँ/विनोद कुमार शर्मा)। डेरा सच्चा सौदा की अमर मुहिम के तहत फतेहाबाद में एक और इन्सां ने मरणोपरांत शरीरदान कर इंसानियत का फर्ज निभाया। स्थानीय मातूराम कॉलोनी की रहने वाली 85 वर्षीय कृष्णा देवी इन्सां पत्नी कांता राम नरूला अपनी श्वासों रूपी पूंजी पूरी कर मालिक की गोद सचखंड जा विराजी। Fatehabad News

उनके परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए समाज में व्याप्त रूढ़िवादिता और अंधविश्वास को दरकिनार कर उनका पार्थिव शरीर रिसर्च सेंटर मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज, मुजफ्फरनगर बेगराजपुर इंडस्ट्रियल एरिया के सामने, दिल्ली-देहरादून हाईवे को दान कर दिया। इस देह दान से अब मेडिकल कॉलेज के हजारों भावी डॉक्टरों और शोधकर्ताओं को मानव शरीर की संरचना पर रिसर्च करने और चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। बता दें कि कृष्णा देवी इन्सां ने जीते जी मरणोपरांत शरीरदान करने का प्रण लिया हुआ था।

शरीरदान से पूर्व उनकी पार्थिव देह को फूलों से सजी एंबुलेंस में रखा गया। इस दौरान डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों, साध-संगत, परिजनों और ग्रामीणों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित लोगों ने "जब तक सूरज चांद रहेगा, शरीरदानी कृष्णा देवी इन्सां तेरा नाम रहेगा" और "शरीरदानी कृष्णा देवी इन्सां अमर रहे" के नारे लगाए। इसके बाद "धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा" का इलाही नारा लगाकर एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया गया।

डेरा सच्चा सौदा की बेटा-बेटी एक समान मुहिम का अनुसरण करते हुए कृष्णा देवी इन्सां की पोती राजो देवी ने अपनी दादी की अर्थी को कंधा दिया और समाज को यह संदेश दिया कि बेटियां किसी भी मामले में बेटों से कम नहीं हैं। इस भावुक क्षण में राजन, साजन, रिंकू, राहुल, टिंकू, निशांत सहित परिवार के अनेक सदस्य और रिश्तेदार मौजूद रहे। Fatehabad News

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