Rakhigarhi Mahotsav: मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अंतरराष्ट्रीय राखीगढ़ी महोत्सव का किया शुभारंभ

राखीगढ़ी बनेगा अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र, सीएम ने की 51 लाख की घोषणा, 188 करोड़ से बनेगा संग्रहालय

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नारनौंद, सच कहूँ/मुकेश। Rakhigarhi Mahotsav 2026: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को राखीगढ़ी में सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय राखीगढ़ी महोत्सव-2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम पंचायत की मांगों को पूरा करने का आश्वासन देते हुए पंचायत को 51 लाख रुपये देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राखीगढ़ी की मिट्टी में हमारे पूर्वजों के श्रम, हुनर और विकसित सभ्यता की यादें सुरक्षित हैं। यह ऐतिहासिक स्थल हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता, पहचान और स्वाभिमान का प्रतीक है। सरकार राखीगढ़ी को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और शोध केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस वर्ष महोत्सव की थीम ‘माटी से महोत्सव तक’ रखी गई है। मुख्यमंत्री ने महोत्सव के दौरान निमार्णाधीन संग्रहालय का निरीक्षण किया और वहां चल रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि संग्रहालय एवं इंटरप्रिटेशन सेंटर का सिविल निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अगले चरण में करीब 188 करोड़ रुपये खर्च कर इसे विश्वस्तरीय स्वरूप देने की योजना है। राखीगढ़ी को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार की ओर से विकसित की जाने वाली पांच प्रमुख ऐतिहासिक धरोहरों में राखीगढ़ी को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सरस्वती-सिंधु सभ्यता कॉरिडोर विकसित करने की परिकल्पना पर काम कर रही है। इससे महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से बेहतर तरीके से जोड़ने में मदद मिलेगी। 

इस अवसर पर विधायक सावित्री जिंदल, विधायक विनोद भयाना, विधायक रणधीर पनिहार, आईजी कुलदीप सिंह, पूर्व राज्यसभा सांसद जनरल डीपी वत्स, उपायुक्त राहुल नरवाल, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, एडीसी लक्षित सरीन, मेयर प्रवीण पोपली, भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक सैनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा ने कहा कि राखीगढ़ी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि राखीगढ़ी से मिले पुरातात्विक साक्ष्य प्राचीन सभ्यता की जल निकासी व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, कृषि और शिल्पकला के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं। महोत्सव में युवाओं के लिए प्रशिक्षण और सीखने से जुड़ी गतिविधियां भी आयोजित की गई हैं।

महोत्सव से पहले म्यूजियम पूरा करने का लक्ष्य

विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य आसपास के स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों को अपनी प्राचीन संस्कृति और विरासत से जोड़ना है। राखीगढ़ी में ओपन म्यूजियम और साइट म्यूजियम विकसित करने की योजना है। साइट म्यूजियम का ढांचा तैयार हो चुका है और इसे अगले महोत्सव से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राखीगढ़ी में मिली मिट्टी की वस्तुएं, मनके, मुहरें और शिल्पकला से जुड़े अवशेष प्राचीन सभ्यता के लोगों की रचनात्मकता, हुनर और विकसित जीवनशैली को दर्शाते हैं। यहां की सुनियोजित बस्ती आज भी गांवों और शहरों को स्वच्छ, व्यवस्थित तथा प्रकृति के अनुकूल बनाने की प्रेरणा देती है। उन्होंने युवाओं से अपनी ऐतिहासिक विरासत को जानने और उसकी प्रमाणिक जानकारी डिजिटल माध्यमों से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया। 

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