सिंगल यूज प्लास्टिक को पूर्णतया ना कहें और अपनी दैनिक आदतों में पानी और बिजली की बचत को शामिल करें - कंवरपाल गुर्जर
पूर्व कैबिनेट मंत्री गुर्जर ने पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
प्रताप नगर (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)। Pratap Nagar News: पूर्व कैबिनेट मंत्री गुर्जर ने जानकारी देते हुए बताया कि पर्यावरण केवल पेड़ों एवं नदियों का नाम नहीं हैं। यह हमारा जीवन है। आज का दिन केवल चिंता करने का नहीं है, बल्कि चिंतन और संकल्प का है। जलवायु परिवर्तन कोई काल्पनिक खतरा नहीं है, यह हमारे सामने खड़ी सच्चाई है। हर युवा से, बल्कि हर नागरिक से आग्रह है कि अपने जीवन के विशेष अवसरों पर एक पौधा अवश्य लगाएं। केवल लगाएं ही नहीं वरन् बड़ा होने तक उसकी पालन पोषण की ज़िम्मेदारी लें।
पूर्व कैबिनेट मंत्री गुर्जर ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक को पूर्णतया ना कहें और अपनी दैनिक आदतों में पानी और बिजली की बचत को शामिल करेंगे। प्रकृति हमें सब कुछ मुफ्त देती है, लेकिन उसकी एक ही शर्त है- सम्मान। अगर हम आज प्रकृति का सम्मान करेंगे तो प्रकृति हमारा भविष्य सुरक्षित करेगी। भाजयुमो जिलाध्यक्ष निश्चल चौधरी ने पौधारोपण करते हुए कहा कि हम सब प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए पर्यावरण की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए अपने आवास/आसपास पौधारोपण अवश्य करें। हमारा पर्यावरण प्रदूषण के कारण प्रकृति के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस का मूल उद्देश्य हमारे वातावरण को स्वच्छ व शुद्ध रखना तथा पर्यावरण की रक्षा के लिए लोगों को जागरूक करना है। इसके लिए लोग ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण करें व पेड़ों की कटाई न करें। जिला महामंत्री प्रवीण खदरी, डीएनटी बोर्ड
वाइस चेयरमैन ओमपाल, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रीति जौहर, मंडल अध्यक्ष कृष्ण खदरी, मंडल अध्यक्ष प्रियंक शर्मा, भाजपा नेता मुकुल चौधरी, चेयरमैन विपुल गर्ग, जिला उपाध्यक्ष रामपाल नम्बरदार, वरिष्ठ भाजपा नेता जगबीर खदरी, जिला कोषाध्यक्ष जगदीश विधार्थी, सुशील मित्तल, परदुमन सिंह लाड्डी,पार्षद रूचि काम्बोज, संदीप राय, भाजपा जिला यमुनानगर मीडिया प्रमुख कपिल मनीष गर्ग, पीयूष गोगियान, पूनम अग्रवाल, संजीव गर्ग, अजय मंगला टोनी, पार्षद भानु प्रताप, पार्षद अंकित गोयल, पार्षद जयंत स्वामी , खैराती लाल बतरा सहित बहुत से भाजपा पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं द्वारा लगभग 200 फलदार, फूलदार, छायादार पौधों का रोपण किया गया। इनमें त्रिवेणी (पीपल, नीम व बरगद), जामुन, अर्जुन, शीशम के पौधे शामिल हैं।
