Punjab
नाबालिग से दुराचार मामले में गिरफ्तार पूर्व सिविल सर्जन कैथल लाया गया, अस्पताल में रिकॉर्ड जांच जारी
गिरफ्तार पूर्व सिविल सर्जन को कैथल लाई पुलिस, पुराने रिकॉर्ड खंगाले
कैथल (सच कहूँ/मुकेश)। Kaithal News: कुरुक्षेत्र में एक नाबालिग लड़की से कथित दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार पूर्व सिविल सर्जन डॉ. शैलेंद्र शर्मा उर्फ शैली को सोमवार को कुरुक्षेत्र पुलिस पूछताछ के सिलसिले में कैथल के नागरिक अस्पताल लेकर पहुंची। पुलिस टीम ने यहां उनके कार्यकाल से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की और यह पता लगाने का प्रयास किया कि उनके खिलाफ पूर्व में कोई शिकायत या आरोप दर्ज हुए थे या नहीं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी चिकित्सक पूर्व में कैथल में सिविल सर्जन सहित विभिन्न प्रशासनिक पदों पर कार्य कर चुके हैं। जांच के दौरान उनका मेडिकल परीक्षण भी कराया गया तथा अस्पताल प्रशासन से सेवा अवधि से जुड़े दस्तावेज जुटाए गए।
जांच अधिकारी इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिद्धू ने बताया कि 29 मई को नाबालिग लड़की से कथित यौन उत्पीड़न के संबंध में कुरुक्षेत्र में मामला दर्ज किया गया था। पीड़िता के परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी चिकित्सक को गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान मामले की जांच के साथ-साथ आरोपी के पूर्व रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार वर्ष 2008 और 2017 में भी आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म से संबंधित मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से एक मामला कथित रूप से एक महिला मरीज से जुड़ा बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां इन मामलों से संबंधित रिकॉर्ड और तथ्यों की भी समीक्षा कर रही हैं।
नियुक्ति प्रक्रिया भी जांच के घेरे में
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पूर्व में आपराधिक मामलों का सामना करने के बावजूद सेवानिवृत्ति के बाद आरोपी की कंसल्टेंट के रूप में नियुक्ति किन परिस्थितियों और प्रक्रियाओं के तहत की गई। इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिद्धू ने बताया कि जहां-जहां आरोपी की नियुक्ति रही है, वहां के अभिलेखों की भी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि कैथल में भी आरोपी के खिलाफ एक शिकायत लंबित होने की जानकारी मिली है, जिसकी सत्यता की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है।
इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिद्धू ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की विस्तृत जांच की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निदेर्शानुसार उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी व्यक्ति को कानून के दायरे से बाहर नहीं रहने दिया जाएगा।