गोदाम संचालक पर गाड़ी उतारने एवज में पैसे मांगने और परेशान करने का आरोप लगा राइस मिलरों ने किया रोष प्रदर्शन

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गोदाम के बाहर सड़क पर गाड़ियों की लगी 2 से 3 किलोमीटर लंबी लाइन

कलायत (सच कहूॅं/अशोक राणा)। Kalayat News: राइस मिलरों ने एफसीआई गोदाम संचालक पर गाड़ी उतारने एवज में पैसे मांगने और परेशान करने का आरोप लगाते हुए गोदाम के बाहर रोष प्रदर्शन किया। कलायत के रामगढ़ रोड पर स्थित एफसीआई गोदाम में सुविधाओं का भी अभाव बताते हुए राइस मिलरों ने सरकार व प्रशासन से गोदाम को तुरंत प्रभाव से शील करने की मांग की। सूचना पर पहुंचे एफसीआई अधिकारियों ने आक्रोशित मिलरों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन वे लगातार करीब दो घंटे तक प्रदर्शन करते रहे इस दौरान गोदाम के बाहर सड़क पर गाड़ियों की 2 से 3 किलोमीटर लंबी लाइन लगी रही। Kaithal News

गोदाम के बाहर एकत्रित राइस मिलर सागर सोरेवाला, रोहन मित्तल, जगदीश अग्रवाल आदि ने बताया कि उन्हें सरकार को तय समय सीमा में चावल देना होता है। मिलरों द्वारा चावल गाड़ियों में भरकर गोदाम में भेजी जा रही है। लेकिन गोदाम में ना तो समय पर गाड़ी उतर रही है और बरसात में भीगने से बचाने के लिए भी गोदाम में कोई व्यवस्था नहीं है। जिस कारण गाड़ियों में भरा उनका करोड़ों रुपए का चावल खराब हो रहा है। और समय पर गाड़ी नहीं उतारे जाने के कारण गाड़ियां 2 से 3 दिन तक गोदाम के बाहर खड़ी रहती हैं। जिस कारण उन्हें किराया भी दो से तीन गुना देना पड़ रहा है।

राइस मिलर रोहन मित्तल, सागर सोरेवाला ने गोदाम संचालक पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाते हुए बताया कि गोदाम संचालक द्वारा उनकी गाड़ी उतारने के एवज में प्रति गाड़ी के हिसाब से 6000 रुपए की मांग की जा रही है। और जो गोदाम के अंदर वजन तोलने के लिए कांटा लगाया है।उसमें भी गोदाम संचालक द्वारा हेर फेर की जा रही है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से गोदाम की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

गोदाम में खड़ी एक गाड़ी भीगा हुआ था चावल | Kaithal News

प्रदर्शन के दौरान मिलरों द्वारा भेजी गई एक गाड़ी गोदाम में खड़ी थी उसमें भरे चावल के कट्टे पूरी तरह से भीगे हुए थे। कुछ मजदूर भीगे चावल को तिरपाल पर निकाल कर दूसरे कट्टों में भर रहे थे। मौजूद मजदूरों का कहना था कि इस चावल के कुछ दिन में खराब होने की पूरी संभावना है।

गोदाम संचालक अशोक सिंगला ने बताया कि गोदाम में प्रतिदिन करीब 30 गाड़िया उतारने की क्षमता है। जबकि मिलर प्रतिदिन 100 से ज्यादा गाड़ियां गोदाम में भेज रहे हैं। गत दिवस अधिकारियों ने जांच के दौरान चावल से भरी एक गाड़ी रिजेक्ट किया गया था जबकि मिलर उस चावल की गाड़ी को गोदाम में उतरवाना चाहते है। इसलिए मिलर अनाप-शनाप आरोप लगाकर गाड़ी उतारने का दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके द्वारा लगाए गए सभी आरोप मनगढ़ंत व निराधार है।

एफसीआई अधिकारी विवेक वर्मा व राजन अग्निहोत्री ने बताया कि पूरे मामले की गहनता से जांच कर नियम अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। Kaithal News

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