सरसा के इस स्कूल में शिक्षकों की कमी व पीने के पानी की किल्लत, ग्रामीणों ने जड़ा ताला

नेजाडेला कलां रोड स्थित राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला, चत्तरगढ़ पट्टी में अभिभावकों का गुस्सा फूटा

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सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। शहर के नेजाडेला कलां रोड स्थित राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला, चत्तरगढ़ पट्टी में मंगलवार को अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। स्कूल में शिक्षकों की कमी और पेयजल संकट को लेकर नाराज परिजन स्कूल पहुंचे, विरोध प्रदर्शन किया और मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। Sirsa News

मामले की जानकारी उपायुक्त तक पहुंचने के बाद शिक्षा विभाग ने तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है। परिजनों का आरोप था कि स्कूल के शिक्षकों की जनगणना कार्य में ड्यूटी लगाए जाने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उनका कहना था कि स्कूल की एक शिक्षिका की पहले ही दूसरे स्कूल में डेप्यूटेशन की गई है और अब शेष शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी लगने से स्कूल की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है।

विवाद बढ़ने के बाद शिक्षा विभाग ने खैरपुर स्कूल में डेप्यूटेशन पर भेजी गई महिला शिक्षक रचना सैनी को तत्काल प्रभाव से वापस मूल स्कूल में भेजने के आदेश जारी कर दिए। विभागीय अधिकारियों के अनुसार स्कूल में नियमित शिक्षण व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है। साथ ही पूरे मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है। इधर वार्ड पार्षद एडवोकेट चंचल रानी ने स्कूल की स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि स्लम एरिया में स्थित इस स्कूल का भविष्य खतरे में दिखाई दे रहा है। Sirsa News

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष तक स्कूल में करीब 180 बच्चे थे, जबकि अब संख्या घटकर लगभग 90 रह गई है। एक साल में आधे बच्चों का स्कूल छोड़ना शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि सरकार गरीब बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं देने की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके विपरीत नजर आ रहे हैं।

इस संबंध में उपायुक्त और एडीसी को पत्र देकर स्कूल की समस्याओं के समाधान की मांग की जाएगी। दूषित पानी बना विवाद की वजह स्कूल में पेयजल समस्या भी विवाद की प्रमुख वजह बनी। अभिभावकों का आरोप है कि बच्चों को साफ पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा। स्कूल परिसर में बनी सीमेंट की पानी की टंकी की नियमित सफाई नहीं होने से बच्चे दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। खंड शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार ने बताया कि स्कूल में पेयजल की समस्या बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि चत्तरगढ़ पट्टी वाटरवर्क्स से स्कूल के लिए अलग पानी की लाइन डाली गई थी, लेकिन रास्ते में लोगों द्वारा कनेक्शन लेने के कारण स्कूल तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा। उन्होंने बताया कि स्कूल स्टाफ बच्चों की सुविधा के लिए हर एक-दो दिन में पानी के टैंकर मंगवा रहा है। साथ ही क्षेत्र के ट्यूबवेल के पानी में शोरा अधिक होने से स्कूल के वाटर कूलर में जंग लग गई है, जिसे जल्द ठीक कराया जाएगा। Sirsa News

स्कूल में तीन शिक्षक, एक की लगी जनगणना में ड्यूटी शिक्षा विभाग के अनुसार स्कूल में कुल तीन शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें से एक शिक्षिका रचना सैनी की हाल ही में खैरपुर स्कूल में डेप्यूटेशन की गई थी, जबकि अन्य दो शिक्षिकाएं धनपति और सुमन स्कूल में कार्यरत हैं। इनमें से धनपति की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जिस समय अभिभावकों ने स्कूल में हंगामा किया, उस समय दोनों शिक्षिकाएं स्कूल पहुंची हुई थीं, लेकिन परिजनों ने स्कूल पर ताला लगा दिया और उन्हें अंदर नहीं जाने दिया।

स्कूल को ताला लगाए जाने की सूचना मिलने के बाद तुरंत शिक्षा अधिकारियों को मौके पर भेजा गया। उन्होंने कहा कि खैरपुर स्कूल में डेप्यूटेशन पर भेजी गई महिला शिक्षक को वापस बुला लिया गया है, ताकि स्कूल में पढ़ाई प्रभावित न हो और जनगणना कार्य भी व्यवस्थित ढंग से चल सके। उन्होंने बताया कि पेयजल समस्या का भी जल्द समाधान कराया जाएगा और पूरे मामले की रिपोर्ट उपायुक्त को भेज दी गई है। Sirsa News
- डॉ. विजय लक्ष्मी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी 

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