Punjab
ब्लॉक पटियाला व समाना की साध-संगत ने बेजुबानों के लिए रखे सकोरे
भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित
समाना (सच कहॅूँ/सुनील चावला)। Patiala News: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए ब्लॉक समाना के जोन नंबर 3 की समूह साध-संगत ने भीषण गर्मी को देखते हुए बेजुबान पक्षियों के लिए मिट्टी के सकोरे रखने की सेवा की। इस सेवा कार्य के दौरान बड़ी संख्या में साध-संगत ने भाग लिया और लोगों को भी गर्मी के मौसम में पक्षियों और बेसहारा जीवों के लिए पानी की व्यवस्था करने की अपील की। जोन 3 के प्रेमी सेवक अमित इन्सां ने बताया कि साप्ताहिक नामचर्चा के बाद समूह साध-संगत के सहयोग से मिट्टी के पानी वाले सकोरे बांटे गए हैं ताकि लोग अपने घरों की छतों, पार्कों व अन्य खुली जगहों पर ये सकोरे रख सकें।
उन्होंने कहा कि गर्मी का प्रकोप दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है, जिससे पक्षियों और अन्य बेजुबानों को पानी की कमी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में हर इन्सान का फर्ज़ बनता है कि वह जीवों की सेवा के लिए आगे आए। उन्होंने कहा कि डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत द्वारा हर साल गर्मी के मौसम में यह सेवा लगातार की जाती है ताकि कोई भी पक्षी या जानवर प्यास के कारण अपनी जान न गंवाए। इसके अलावा साध-संगत मानवता भलाई के अन्य अनेक कार्य कर रही है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अपने आस-पास पानी के बर्तन रखकर बेजुबानों की सेवा में योगदान दें। इस मौके पर समूह प्रेमी समिति के सदस्य शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर कमेटी के सदस्यों सहित साध-संगत मौजूद थी।
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भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित
पटियाला। सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए ब्लॉक पटियाला के गुरबख़्श कॉलोनी एरिया की साध-संगत और शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर कमेटी के सेवादारों ने अर्बन अस्टेट पार्क में पक्षियों के लिए पानी के सकोरे रखे व दाना भी डाला।
प्रेमी समिति के सेवादार गंगा राम इन्सां ने कहा कि इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है और पशु पक्षी दाना और पानी नहीं मिलने से बुरी तरह बेहाल हैं। उन्होंने बताया कि पानी वाले सकोरों के साथ-साथ पक्षियों के लिए दाना भी रखा। उन्होंने कहा कि यह शिक्षा हमें पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां से मिली है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मानवता भलाई के कार्य साध-संगत हमेशा समय-समय पर करती रहेगी।