Bird Nurturing Campaign: तपती धूप में परिंदों के लिए “जीवन की बूंद” बनी ब्लॉक संगतपुरा की साध-संगत

भीषण गर्मी में ब्लॉक संगतपुरा की पहल—300 सकोरे वितरित कर लिया बेजुबानों की प्यास बुझाने का प्रण

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संगतपुरा/जींद (सच कहूँ/राहुल)। Sangatpura News: आसमान से बरसती आग, तपती धरती और सूखे पड़े कोनों के बीच जब इंसान भी गर्मी से बेहाल है, तब बेजुबान पक्षियों की हालत का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। प्यास से तड़पते नन्हें परिंदे कभी छतों पर तो कभी पेड़ों की डालियों पर पानी की तलाश में भटकते नजर आते हैं। ऐसे कठिन समय में ब्लॉक संगतपुरा जिला जींद की साध-संगत ने इंसानियत और जीवों के प्रति दया का ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसने हर किसी का दिल छू लिया।

डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा चलाए जा रहे पक्षी उद्धार अभियान से प्रेरित होकर साध-संगत ने लगभग 300 पानी के सकोरे वितरित किए और संकल्प लिया कि कोई भी परिंदा प्यासा न रहे। नामचर्चा के दौरान साध-संगत ने अपने घरों, खेतों, छतों और गलियों में पक्षियों के लिए पानी और चोगे का स्थायी प्रबंध करने का प्रण लिया। नामचर्चा की शुरुआत विनती भजन से हुई, जिसके बाद कविराजों ने मुर्शिद के प्रेम से ओत-प्रोत भजनों के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में साध-संगत का उमड़ना इस बात का प्रमाण था कि सेवा और परोपकार की भावना हर मौसम से बड़ी होती है।

इस मौके पर ब्लॉक जिम्मेवारो ने कहा कि गर्मी के इन दिनों में सबसे ज्यादा दर्द उन बेजुबान पक्षियों को होता है, जो बोल नहीं सकते, अपनी पीड़ा किसी को बता नहीं सकते। पानी की एक छोटी सी कटोरी उनके लिए जीवन और मौत का फर्क बन जाती है। उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि वे अपने घरों के बाहर मिट्टी के सकोरे रखें, रोजाना उनमें साफ पानी भरें और दाना डालें ताकि ये नन्हें जीव भी इस भीषण गर्मी में राहत महसूस कर सकें। साध-संगत ने किसानों से भी खेतों में जीव-जंतुओं के लिए पानी उपलब्ध करवाने की अपील की। सेवा का यह छोटा प्रयास न केवल परिंदों की प्यास बुझा रहा है, बल्कि समाज को दया, प्रेम और इंसानियत का संदेश भी दे रहा है।

Sangatpura News
Sangatpura News: नामचर्चा दौरान पक्षियों की सेवा हेतु सकोरे बांटते हुए साध-संगत के सेवादार।

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