मोदी सरकार खाड़ी युद्ध की आड़ में लोगों से अपनी विदेश एवं आर्थिक नीति की नाकामियों को छुपाने की कोशिश कर रही : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

मोदी सरकार खाड़ी युद्ध की आड़ में लोगों से अपनी विदेश एवं आर्थिक नीति की नाकामियों को छुपाने की कोशिश कर रही : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

Sach Kahoon Picture
Published On

संगरूर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज खाड़ी युद्ध के हालात का फायदा उठाने के लिए नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र अपनी विदेशी और आर्थिक नीतियों की नाकामी को छुपाने के लिए इस युद्ध को ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रही है और देश को जानबूझकर अघोषित लॉकडाउन की ओर धकेला जा रहा है। केंद्र द्वारा लोगों से बार-बार संयम बरतने की अपीलों पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वैश्विक संकट से प्रभावित किसी भी अन्य देश ने अपने नागरिकों से पेट्रोल, डीजल, गैस या सोना खरीदना बंद करने को नहीं कहा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को लोगों में दहशत और बेचैनी फैलाने के बजाय पूरे देश को भारत के भंडारों की वास्तविक स्थिति के बारे में बताना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गलत विदेश नीति के लिए उन पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जिस नेतृत्व ने कभी भारत को "विश्व गुरु" बनाने का दावा किया था, अब उसने देश को "विश्व चेला" बनाकर रख दिया है। प्रधानमंत्री के विदेशी दौरों का लाभ आम लोगों के बजाय उनके कारोबारी दोस्तों को ही हो रहा है।

हाई-टेंशन तारों को भूमिगत करने के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के उद्घाटन के अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मोदी सरकार विदेश और आर्थिक नीति, दोनों पहलुओं पर पूरी तरह से नाकाम रही है, जिसके कारण देश में बेचैनी का माहौल है। केंद्र सरकार खाड़ी युद्ध से उत्पन्न स्थिति की गंभीरता का आकलन करने में भी नाकाम रही है, जिससे देश में पूरी तरह से भगदड़ मच गई है।

मुख्यमंत्री ने ताना कसते हुए कहा, "यह हैरान करने वाली बात है कि युद्ध इज़राइल और ईरान के बीच चल रहा है और इसका प्रभाव केंद्र द्वारा जानबूझकर देश पर डाला जा रहा है, जबकि किसी अन्य पड़ोसी देश में स्थिति इतनी गंभीर नहीं है।"

विदेश और आर्थिक नीतियों में विफलता*

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि "विश्व गुरु" बनने का गर्व करने वाले प्रधानमंत्री ने अब देश को "विश्व चेला" बनाकर रख दिया है। उन्होंने आगे कहा, "ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि केंद्र सरकार देश में लिए जाने वाले हर छोटे से छोटे फैसले के लिए अमेरिका में बैठे अपने दोस्तों से इजाजत लेती है। देश में अघोषित लॉकडाउन लगाने के बजाय, प्रधानमंत्री को तेल, एलपीजी और सोने के भंडारों की वास्तविक स्थिति के बारे में लोगों को बताना चाहिए।"

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि देश को इस तरह गैर-जिम्मेदाराना ढंग से नहीं चलाया जा सकता, जहाँ प्रधानमंत्री द्वारा लोगों से समझदारी से खर्च करने की ताकीद की जाती है और वे खुद ऐशो-आराम में लगे हुए हैं। उन्होंने आगे कहा, "प्रधानमंत्री खुद विदेशी दौरों में व्यस्त हैं, लेकिन देशवासियों को विदेश यात्रा से परहेज करने की अपील करते हैं। प्रधानमंत्री ने पिछले 14 सालों में किए गए इतने सारे विदेशी दौरों से हुई उपलब्धियों की जानकारी कभी भी मीडिया, देश या संसद के साथ साझा नहीं की।"

प्रधानमंत्री के विदेशी दौरे और उद्योगपतियों से निकटता*

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रधानमंत्री का कर्तव्य है कि वे लोगों को इन दौरों की उपलब्धियों के बारे में बताएं, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ। उन्होंने बताया, "प्रधानमंत्री अपने उद्योगपति मित्रों को इन विदेशी यात्राओं पर अपने साथ ले जाकर उन्हें निवेश के लिए सुविधा देते हैं। नतीजा यह है कि नरेंद्र मोदी के करीबी उद्योगपति दिनोंदिन अमीर हो रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ देश गरीब होता जा रहा है।"

मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में लोगों को और मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की उम्मीद है। उन्होंने आगे कहा, "लोगों की समस्याओं का कोई अंत नहीं होगा क्योंकि केंद्र सरकार लोग-विरोधी मानसिकता से ग्रस्त है। लोग भारी बोझ के नीचे दबे रहेंगे क्योंकि चुनाव मोड में व्यस्त होने के कारण केंद्र सरकार अभी-अभी कुंभकरणी नींद से जागी है।"

About The Author

Related Posts