करीमनगर ज्वेलरी शॉप लूट मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीन आरोपी दबोचे

तेलंगाना में बड़ी ज्वेलरी लूट, बिहार के गैंग का हाथ

Sarvesh Kumar Picture
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हैदराबाद (एजेंसी)। Hyderabad News: तेलंगाना में ज्वेलरी शॉप लूट मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। करीमनगर शहर में एक ज्वेलरी की दुकान में दिन-दहाड़े हुई लूट के मामले में तेलंगाना पुलिस ने कुख्यात सुबोध सिंह गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। 

करीमनगर के पुलिस कमिश्नर गौश आलम ने गुरुवार को इस बात की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि इस मामले में 13 आरोपियों की पहचान कर ली गई है, और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।

लुटेरों ने तीन मई को पीएमजे ज्वेलरी शॉप में घुसकर गोलियां चलाईं थी। लुटेरों की ओर से की गई गोलीबारी में चार कर्मचारियों को गोली लगी। लुटेरे 161 तोला सोने के गहने और 112 कैरेट के हीरे लूटकर फरार हो गए।

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि बिहार से अपना गैंग चलाने वाला सुबोध सिंह इस मामले में मुख्य आरोपी है। फिलहाल वह पूर्णिया जेल में बंद है। आरोप है कि उसने जेल के अंदर से ही इस लूट की पूरी योजना बनाई थी।

सुबोध सिंह का गैंग बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तराखंड में लूट की वारदातों में शामिल रहा है। यह गैंग बेहद ही शातिर और पेशेवर तरीके से लूट की वारदातों को अंजाम देने के लिए कुख्यात है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि तेलंगाना में इस तरह की लूट की यह पहली घटना थी। उन्होंने कहा कि इस गैंग के सदस्यों को पकड़ना बेहद मुश्किल होता है, लेकिन हमारी टीमों की कड़ी मेहनत की बदौलत हम इनमें से कुछ को पकड़ने में कामयाब रहे।

पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी रघुनाथ करमाकर को गिरफ्तार कर लिया है। रघुनाथ करमाकर पश्चिम बंगाल के आसनसोल का रहने वाला है। इसी ने उस गैंग की अगुवाई की थी। इसके अलावा दो अन्य आरोपियों रवीश कुमार और महताब खान को बंगाल और बिहार से गिरफ्तार किया गया है।

जांच में पता चला है कि आरोपियों ने दो महीने पहले ही इस दुकान की रेकी (जासूसी) की थी। उन्होंने खम्मम, मंचरियाल, पेद्दापल्ली और जगतियाल समेत कई जगहों की रेकी की थी। वारदात को अंजाम देने के लिए करीमनगर को चुना था।

लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद लुटेरे बाइक पर सवार होकर फरार हो गए और धर्मापुरी में जाकर छिप गए। इसके बाद वे तीन अलग-अलग गुटों में बंट गए और ट्रेन व बस के जरिए वहां से भाग निकले। इस वारदात में पांच लुटेरे सीधे तौर पर शामिल थे। पुलिस ने आठ अन्य लोगों की भी पहचान की है जिन्होंने उन्हें साजो-सामान और अन्य तरह की मदद मुहैया कराई थी।

पुलिस ने आरोपियों के पास से 51 हजार रुपये नकद, दो मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड और कुछ जाली आधार कार्ड बरामद किए हैं।

पुलिस कमिश्नर ने फरार चल रहे आरोपियों की पहचान उजागर करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से जांच प्रभावित हो सकती है। बाकी आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की टीमें लगातार उनका पीछा कर रही हैं। वे पूर्णिया जेल में सुबोध सिंह से पूछताछ करने के लिए कोर्ट की अनुमति लेंगे।

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