योधा सिंह इन्सां का पार्थिव शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए दान

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ब्लॉक बालियांवाली के 19वें व गांव गिल कलां के बने दूसरे शरीरदानी | Body Donation

बालियांवाली/बठिंडा (सच कहूँ/चरनजीत सिंह)। अपनी स्वासों रूपी पूंजी पूरी कर कुल मालिक के चरण कमलों में सचखंड जा विराजे ब्लॉक बालियांवाली के गांव गिल कलां के डेरा श्रद्धालु योधा सिंह इन्सां ने ब्लॉक बालियांवाली के 19वें व गांव के दूसरे शरीरदानी (Body Donation) होने का गौरव हासिल किया है। बीते दिनों उनके मरणोपरांत उनके परिजनों ने उनका पार्थिव शरीर डेरा सच्चा सौदा की हैल्पलाईन के तहत मेडिकल रिसर्च के लिए दान कर दिया।

जानकारी के अनुसार योधा सिंह इन्सां पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए जीते जी मरणोपरांत शरीरदान करने का प्रण लिया हुआ था। उनके मरणोपरांत उनकी अंतिम इच्छा को पूरा करते उनके परिवार ने उनके पार्थिव शरीर को मेडिकल रिसर्च के लिए दान कर दिया। योधा सिंह का पार्थिव शरीर वर्ड कॉलेज आॅफ मेडिकल सार्इंस और रिसर्च एंड अस्पताल गुरावा झज्जर (हरियाणा) को दान किया गया।

पार्थिव शरीर को परिजनों, रिश्तेदारोंं, बड़ी संख्या में पहुंची साध-संगत व क्षेत्रवासियों ने ‘योधा सिंह इन्सां अमर रहे’ और शरीरदान महादान के नारों के साथ काफिले के रूप में विदाई दी। पार्थिव देह वाली फूलों से सजी एम्बूलैंस को सरपंच अंग्रेज सिंह ने हरी झंडी देकर रवाना किया। इस मौके इस मौके शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर फोर्स विंग के सेवादार, 85 मैंबर अमरिन्द्र सिंह इन्सां, 85 मैंबर गुरप्रीत कौर इन्सां, गांव के प्रेमी सेवक भोला सिंह इन्सां, अलग-अलग समितियों के जिम्मेवार और सेवादारों के अलावा गांवों-शहरों की समूह साध-संगत व रिश्तेदार मौजूद थे।

शरीरदान मुहिम से मेडिकल विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ: सरपंच

गांव के सरपंच अंग्रेज सिंह ने डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाई जा रही मरणोपरांत शरीरदान मुहिम की प्रशंसा करते कहा कि वह पूज्य गुरु जी के बहुत ही ऋणि हैं, जिनकी पावन शिक्षाओं पर चलते हुए डेरा श्रद्धालुओं द्वारा इस कलियुग के समय में शरीरदान किया जा रहा है। इस शरीरदान से मेडिकल शिक्षा लेने के लिए डॉक्टर बन रहे विद्यार्थियों को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।

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