डेरा श्रद्धालु धन्ना इन्सां ने ईमानदारी की मिसाल कायम की

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धन्ना सिंह को सलाम: असली मालिक को वापिस किए 20 हजार रुपये ( Honesty)

सच कहूँ/गुरप्रीत सिंह/नरेश कुमार संगरूर। संगरूर में एक रिक्शा चालक व डेरा श्रद्धालु ने (Honesty) ईमानदारी की मिसाल पेश करते एक व्यक्ति के गुम हुए 20,000 रुपए की नगदी वापिस की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार धन्ना सिंह इन्सां जो संगरूर में रिक्शा चलाकर अपने परिवार का गुजारा करता है। रोज की तरह जब बुधवार को धन्ना सिंह इन्सां अपनी रिक्शा पर जा रहा था तो संगरूर अनाज मंडी के पास उसे सड़क पर 500-500 के नोट बिखरे पड़े मिले।

धन्ना इन्सां ने रेहड़ी वहीं खड़ी कर पैसे इकठ्ठे किए और सामने ही मौजूद एक दुकान के अंदर जाकर बताया कि उसे यह पैसे गिरे हुए मिले हैं। कुछ दुकानदारों से उसने नगदी गुम होने के बारे में पूछा तो सभी ने मना कर दिया। ऐसे में वह सभी दुकानदारों को यह कहकर आ गया यदि कोई पैसा ढूँढता हुआ आया तो मेरे पास भेज देना। धन्ना सिंह इन्सां ने बताया कि कुछ समय बाद उसके पास संगरूर के गांव खुरानी का जरनैल सिंह नामक व्यक्ति आया, जिसने बताया कि उसके पैसे गिर गए हैं और इसको लेकर वह काफी परेशान था। यह पैसे उसने मुश्किल से जोड़कर एक छोटे मकान का सौदा किया था और उसे यह पैसे देने थे। उसने बताया कि अनाज मंडी के पास उसकी जेब में से यह पैसे गिर गए थे।

पूज्य गुरू जी किया धन्यवाद

धन्ना इन्सां ने शहर के कुछ गणमान्यजन की उपस्थिति में उक्त नगदी जरनैल सिंह को वापिस कर दी। जरनैल सिंह ने बताया कि उसे उम्मीद ही नहीं थी कि उसके पैसे उसे वापिस मिल जाएंगे परन्तु उसे हैरानी हुई कि आज भी धन्ना सिंह इन्सां जैसे डेरा श्रद्धालु इस समाज में रहते हैं, भले ही गरीब है लेकिन दिल के ‘अमीर’ हैं। उन्होंने कहा कि धन्ना सिंह इन्सां जैसे डेरा श्रद्धालुओं को ऐसे इमानदारी का रास्ता दिखाने वाले डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां धन्य कहने के काबिल हैं। उधर धन्ना सिंह इन्सां ने कहा कि यह पूज्य गुरू जी की पावन शिक्षाओं की बदौलत ही संभव हो सका है। उन्होंने कभी भी किसी के हक पर अपना दावा नहीं जताया। इस मौके संगरूर के ब्लॉक के डेरा श्रद्धालु राजिन्दर कालड़ा इन्सां भी मौजूद थे।

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