तीन अध्यादेश के खिलाफ थम नहीं रहा आंदोलन

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प्रदेश भर में केंद्र सरकार द्वारा पारित किए तीन विधेयकों के खिलाफ रोष प्रदर्शन जारी राजनीति चमकाने में जुटे सभी दलों के नेता

फरीदकोट (सच कहूँ न्यूज)। किसानों की आर्थिक बदहाली को दूर करने के लिए केन्द्र सरकार की ओर से पारित किए गए तीनों कृषि विधेयकों को लेकर किसानों का आक्रोश ठंडा पड़ने का नाम नहीं ले रहा है। भाजपा को छोड़कर जिले के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं में किसानों के साथ खड़े होने की होड़ लगी हुई है। अकाली दल भी किसान वोट बैंक को टूटने से बचाने के लिए जिले के विभिन्न हिस्सों में बैठकें कर रही है। बैठक उपरांत नेताओं की ओर से बयान जारी किए जा रहे है, जिसमें शिअद बादल को पूर्ण रूप से किसानों के साथ खड़े होने की बात कही जा रही है। आम आदमी पार्टी कांग्रेस की अपेक्षा इस मुद्दें में पिछड़ती हुई दिखाई दे रही है, जिसके बाद पार्टी के नेता गांवों में किसानों को एकजुट करने में लगे है।

किसान एकजुट होकर पंजाब व किसानी के लिए संघर्ष करे

आम आदमी पार्टी के विधायक कुलतार सिंह संधवा गांवों में किसानों से मिलकर कह रहे हैं कि पहले नशे ने पंजाब की जवानी को बर्बाद कर दिया और अब केन्द्र सरकार द्वारा पारित किया गया विधेयक किसानी को बर्बाद कर रहा है। ऐसे में जरूरत है कि किसान एकजुट होकर पंजाब व किसानी के लिए संघर्ष करे। शिअद महिला विंग की अमरजीत कौर ने कहा कि केन्द्र सरकार के किसान विरोधी इस विधेयक को देखते हुए हरसिमरत कौर बादल ने केन्द्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है, उनकी पार्टी पूरी तरह से किसानों के साथ है, इसमें महिला विग के सदस्य कहीं भी पीछे नहीं रहेंगे।

कांग्रेस के विधायक व मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार कुशलदीप सिंह ढिल्लों ने कहा कि केन्द्र सरकार का कृषि विधेयक पूरी तरह से किसानों के खिलाफ है, इससे किसानों का बड़े पैमाने पर नुकसान होगा, उनकी पार्टी का स्टैंड़ पूरी तरह से साफ है, वह केन्द्र सरकार से विधेयक को वापस लिए जाने की मांग कर रहे हैं। किसान संगठन के नेता चरणजीत सिंह पिपली, करतार सिंह झाड़ीवाला, सरदूल सिंह, जगसीर सिंह गोलेवाला ने कहा कि केन्द्र को विधेयक को रद्द करना ही पड़ेगा, क्योंकि पंजाब देश के खाद्यान्न भंडारण का पचास फीसदी हिस्सा देता है, ऐसे में केन्द्र सरकार को पंजाब के किसानों को संतुष्ट करवाना होगा।

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